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दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

"वेडिंग प्लानर" शब्द से लोग अच्छी तरह वाकिफ हैं लेकिन आज के दौर में इसके मायने बदलते जा रहे हैं। बाजार में बढ़ते कम्पटीशन और समाज की बदलती स्टाइल को देखते हुए इस पेशे ने भी अपने आपको पूरी तरह से बदल लिया है। कम्पटीशन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत में प्रति वर्ष शादी ब्याह का कारोबार 1,00,000  करोड़ रुपए से अधिक का है।

आज से कुछ समय पहले “वेडिंग प्लानर” का जिम्मा केवल शादी के सभी कामों को बखूबी अंजाम देना होता था लेकिन अब बढ़ते कम्पटीशन के कारण वेडिंग प्लानर भी नई-नई थीम और उपकरणों के साथ बाजार में उतर आए हैं।

क्या कहना है वेडिंग प्लानर का
वेडिंग प्लानिंग कंपनी “फीयोना डिकोर” के मालिक एवं संचालक सुनील के मुताबिक, ‘‘आजकल लोग बेहद व्यस्त जीवन जीते हैं और ऐसे में शादी जैसे बड़े काम की सभी जिम्मेदारी खुद उठाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में वे वेडिंग प्लानर पर सभी जिम्मेदारी छोड़ खुद निश्चिंत हो जाना चाहते हैं। लेकिन अब लोगों की उनसे उम्मीदें और बढ़ती जा रही हैं, वे केवल शादी कराने के लिए हमसे संपर्क नहीं करते बल्कि अब उनकी अलग-अलग तरह की मांगे भी होती हैं।’’

भारत में शादी का दमदार कारोबार

भारत में शादी ब्याह का कारोबार 1,00,000 करोड़ रुपए से अधिक का है, जिसमें हर वर्ष 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। यह खर्च महंगाई के साथ-साथ बढ़ता जाता है। वेडिंग प्लानर कम्पटीशन की दौड़ में खुद को अपने कम्पटीटर्स से आगे रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते और अपने काम में नवीनता को प्रधानता देते हैं। इसका असर सीधे-सीधे खर्च पर पड़ता है। वेडिंग प्लानिंग कंपनियों को बेहद छोटी से छोटी बात का ध्यान रखना पड़ता है तब कहीं जा कर सब कुछ व्यवस्थित तरीके से हो पाता है।

 

आए हैं ये बदलाव
अब लोग शादी में अलग-अलग तरह की थीम चाहते हैं। आजकल लोटस थीम, लंदन ब्रिज थीम, लिबर्टी थीम आदि कई ऐसी थीम हैं जिनका शादियों में चलन बन गया है। सजावट के अलावा दूल्हा-दुल्हन की एंट्री, जयमाला, फेरों से लेकर विदाई तक सभी के लिए विभिन्न तरह के नए तरीकों और थीमों का इस्तेमाल किया जाता है। अगर लिबर्टी थीम की बात करें तो इसमें जयमाला स्टेच्यू आफ लिबर्टी की मशाल पर लटकी होती है, जहां से ड्रोन उन्हें दुल्हा-दुल्हन के हाथों में लाकर देता है।

वेडिंग प्लानिंग में स्थान के चयन का क्रेज
बात वेडिंग प्लानिंग तक ही सीमित नहीं रहती। लोग स्थान के चयन को लेकर भी आजकल बहुत रोमांचित रहते हैं और यह काम भी वेडिंग प्लानर के लिए कम चुनौतीपूर्ण नहीं होता। ‘बीच वेडिंग’ के लिए गोवा लोगों की पहली पसंद है और वेडिंग प्लानर को पूरी थीम के संयोजन में इस बात का ध्यान रखना होता है कि लोगों को समुद्र तट का अहसास स्पष्ट हो। इसके अलावा राजस्थान के किले और विदेश में बाली और दुबई ऐसे देश हैं जो “डेस्टिनेशन वेडिंग” के लिए खासे लोकप्रिय हैं।

 

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