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चिप्‍स, कोल्ड्रिंक और मैदे से होता है कैंसर

Life Style | 8-Jul-2016 12:48:54 PM


दि राइजिंग न्‍यूज

प्रशंसा आर्या


आज कल की व्‍यस्‍ततम दिनचर्या में लोगों के पास खुद के लिए समय नहीं है। ठीक से खाना खाना भी दुश्‍वार है। अब तो बस एक पैकेट चिप्‍स उठाओ,कोल्‍डड्रिंक गटको और भर गया पेट।

ऐसे पेट भरने वालों को जरा बता दें,कि इन्‍हीं शॉर्टकट खाद्य पदार्थों से कैंसर उत्‍पन्‍न हो रहा है। हाल ही में आई रिसर्च के अनुसार ब्रेड में पॉटेशियम ब्रोमेट की मात्रा ज्‍यादा होने के कारण आपको कैंसर हो सकता है, लेकिन सिर्फ ब्रेड ही नहीं आपकी पसंदीदा बहुत सी चीजें हैं जिसे आप रोज खाते हैं और कैंसर को न्‍योता देते हैं। आइए जानतें हैं आपके उन फेवरेट फूड्स के बारे में जो कैंसर होने के लिए मददगार हैं।

कोल्‍डड्रिंक

कोल्ड्रिंक किसे नहीं पसंद….कुछ लोग तो पूरी की पूरी बोतल की पी जाते हैं। वहीं कुछ इसे पानी की तरह हरदम पीते रहते हैं। अगर आपकी यह आदत है तो जरा संभल जाइए,कोल्‍ड्रिंक में आर्टीफीशियल कलर्स पड़े होते हैं। इसके साथ ही इसमें हार्मफुल केमिकल भी पाए जाते हैं जो कैंसर का अहम कारण होते हैं।

 

लजीज पुटेटो चिप्‍स –


चटपटे पोटैटो चिप्‍स का बहुत अधिक सेवन भी कैंसर बनाता है। असल में जब इन चिप्‍स को फ्राई किया जाता है तो इसमें एक्रेलेमाइड कंपाउंड बन जाता है जो आपके शरीर के लिए बेहद हानिकारक हैं। ये वही कंपाउंड हैं जो सिगरेट में पाया जाता है और आपके शरीर में जा कर कैंसर बना देता है।

 

वेजिटेबिल ऑयल -


चौकिए मत यह सच है घरों में इस्‍तेमाल होने वाला वनस्‍पती तेल भी आपको कैंसर के खतरे में डाल सकता है। इन दिनों मार्केट में तो वे‍जिटेबिल आयल भरा पड़ा है और हर कोई इसका इस्‍तेमाल कर रहा है। पर आपको बताते चलें की इन वेजीटेबल ऑयल में अमोने-6 फैटी एसिड पाया जाता है जो सामान्‍य मात्रा से ज्‍यादा होता है। ये फैटी एसिड दिल की बीमारियों के साथ-साथ स्किन कैंसर का भी खतरा पैदा कर देता हैं।


वेजीटेबिल ऑयल में सनफ्लावर ऑयल, सोयाबीन ऑयल, कॉटनसीड ऑयल, कनोला ऑयल आदि शमिल हैं। इसके अलावा अगर आप अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करना चाहतें हैं तो इन तेलों को तुरंत बदलें और इनकी जगह नारियल का तेल और ऑलिव ऑयल को प्रयोग में लें इनसे आपकी हैल्‍थ में और सुधार होगा।


रिफाइंड शुगर –


मीठा किसे नहीं पसंद इस दुनिया में शायद ही कोई होगा जिसे केक, जूस,कुकीज खाना पसंद नहीं होगा। फिलहाल आपकी इस पसंद में भी आपको ब्रेक लगाना होगा। ऐसा करना आपकी हेल्‍थ के लिए बेहद जरूरी है रिफाइंड शुगर को ज्‍यादा मात्रा में लेना कैंसर को न्‍योता देना है। आपको बताएं केक, कॉर्न सिरप,जूस, सॉस और कुकीज में रिफाइंड शुगर मौजूद होता है जो बॉडी में इंस्‍यूलिन तो बढ़ाता है ही साथ कैंसर के मौजूदा सेल्‍स को भी बढ़ा देता है। इसके बजाए आप गुड़ का सेवन कर सकते हैं और ये हैल्‍दी भी होता है।

 

मैदा


व्‍हाइट फ्लोर यानी मैदा इसके इस्‍तेमाल से आपको हर तरीके से सिर्फ नुक्‍सान ही मिलेगा इसमें किसी तरीके का कोई फयदेमंद पदार्थ नहीं होता जिसके लिए हम इसका सेवन करें पर यह सभी के घरों में इस्‍तेमाल किया जाता है। कुछ लोग तो इसका सेवन हर रोज करते हैं जैसे पिज्‍जा,मोमो, चाओमीन, आदि। 


मैदे से बनीं चीजें सभी को पसंद हैं पर जरा इससे होने वाले नुक्‍सान के बारे में भी पता कर लें। मैदा न सिर्फ आपकी आंतों को खराब करता है बल्कि इससे आंतों में होने वाली गंभीर बिमारियां जैसे कोलाइटिस, कोलोन कैंसर आदि का खतरा बढ़ जाता है। इस व्‍हाइट फ्लोर को व्‍हाइट करने और व्‍हाइट रखने के लिए ब्‍लीच मिलाया जाता है जिसमें क्‍लोरीन गैस केमिकल यूज होता है। इसके साथ ही इसमें अधिक मात्रा में ग्‍लाइसेमिक भी मौजूद होता है जो आपके शरीर में कैंसर सेल्‍स को बढ़ाता है।


डिब्‍बा बंद मीट से होता है कैंसर


विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ का कहना है कि डिब्बा बंद मीट खाने से कैंसर हो सकता है।रिपोर्ट में कहा गया है कि दिन में 50 ग्राम डिब्बा बंद मीट से आंत के कैंसर होने का ख़तरा 18 प्रतिशत बढ़ जाता है।रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि रेड मीट भी कैंसर का कारण हो सकता है, लेकिन इसके सीमित प्रमाण मिले हैं।


हालांकि डब्लूएचओ ने इस बात ज़ोर दिया था कि मीट स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।ब्रिटेन स्थित कैंसर शोध संस्थान ने कहा है कि यही वजह है कि रेड मीट या डिब्बा बंद मीट को पूरी तरह छोड़ने की बजाय इसकी मात्रा कम करने की सलाह दी गई है।


एक अनुमान के अनुसार डिब्बा बंद मीट का अधिक सेवन करने से होने वाले कैंसर से हर साल 34 हज़ार लोगों की मौत होती है।

 

ज्यादा वसायुक्त भोजन से होता है कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा

अधिक वसायुक्त और कम फाइबर भोजन करना स्वास्थ्य के लिहाज से काफी खतरनाक साबित होता है। असल में एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि इनकी कमी से कोलोरेक्टल कैंसर होने का खतरा उत्पन्न हो जाता है।


आपको बताएं कोलोरेक्टल कैंसर असामान्य कोशिकाओं की उत्पत्ति की वजह से होती है। यह धीरे-धीरे शरीर के दूसरे अंगों तक फैलता जाता है। कैंसर से होने वाली मौतों में यह दूसरी सबसे बड़ी वजह है।

 

जंक फूड खाने से होता है ब्रेस्‍ट कैंसर

आज के समय में घर के खाने से ज्‍यादा लोग जंक फूड खाना पसंद करते हैं। आपको बताएं एकरिसर्च स्‍टडी में इस बात का पता चला है कि जो लड़कियां अपने टीनएज में ज्‍यादा जंक फूड खाती है उनको बाद में ब्रेस्‍ट कैंसर होने का सबसे ज्‍यादा खतरा होता है।

 

डाइटरी इंटरवेंशन स्‍टडी इन चिल्‍ड्रेन(DISC)के डाटा मेंइस बात का खुलासा किया गया।टीनएज लड़कियां ज्‍यादा जंक फूड यानीकेक और बिस्किट आदि चीजों को खाती है उन सभी को ब्रेस्‍ट कैंसर होने का ज्‍यादा खतरा होता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि इन सभी पर्दाथों में सैचुरेटेड फैट कंटेट ज्‍यादा होता है।

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