Home Ladies Special Women Commandos Made This Difficult Task Easy

काले धन और भ्रष्टाचार पर हमारी कार्रवाई से कांग्रेस असहज: अरुण जेटली

मुंबई के पृथ्वी शॉ बने दिलीप ट्रॉफी फाइनल में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी

दिल्ली में बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई

31 अक्टूबर को रन फॉर यूनिटी का आयोजन होगा: अरुण जेटली

एक निजी संस्था ने हनीप्रीत का सुराग देने वाले को 5 लाख का इनाम देने की घोषणा की

Trending :   #Hot_Photoshot   #Sports   #Politics   #Hollywood   #Bollywood

बहादुर महिला कमांडोज़ ने 15 दिन में कर दिया ये मुश्किल काम पूरा

Ladies Special | 17-Sep-2017 12:42:32 PM
     
  
  rising news official whatsapp number

Women Commandos Made This Difficult Task Easy

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

देश की आधी आबादी कही जाने वाली महिलाएं कहीं से भी पुरुषों से कम नहीं हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा तोड़े गए एक पुल को मात्र 15 दिन में ही बनाकर तैयार कर दिया। यही नहीं, इस दौरान सुरक्षा की सभी जिम्मेदारियां भी महिलाओं ने खुद ही संभाली थी। जानिए क्या था पूरा मामला-

लोगों को परेशानी से मुक्ति मिली

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में 11 साल पहले नक्सली घटना में टूटे पुल को महिला कमांडोज की सुरक्षा में एक बार फिर बना दिया गया है। इस पुल के बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी से मुक्ति मिली है। इस पुल को बनाने में महिला कमांडो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नक्सलियों ने तोड़ दिया था पुल

टिण्डोडी गांव में बने पुल को नक्सलियों ने 11 साल पहले साल 2006 में विस्फोट से उड़ा दिया था। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण पुल को फिर से बनाने का बीड़ा उठाया और यह पुल फिर से बनकर तैयार है। इसके बाद से इस क्षेत्र के दलेर, बिरियाभूमि, आड़वाड़ा और टिण्डोडी गांव के लगभग तीन हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सुरक्षाबलों ने लोगों की पेरशानी दूर करने के लिए पुल को दोबारा बनाना शुरू किया।

नक्सल विरोधी अभियान में पारंगत हैं ये महिला कमांडोज

असल में निर्माण कार्य की सुरक्षा के लिए डीआईजी के साथ 30 महिला कमांडोज के दस्ते को चुना गया जो नक्सल विरोधी अभियान में पारंगत हैं और इन कमांडोज को गांव में बन रहे पुल की सुरक्षा में तैनात कर दिया गया। 31 अगस्त को पुल निर्माण का कार्य पूरा हो गया।

इन महिला कमांडोज में से कुछ पहले नक्सली ही थीं

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर महिला कमांडोज आत्मसमर्पित नक्सली हैं, जो यहां के दुर्गम इलाके और घने जंगलों से अच्छी तरह से परिचित हैं। इन महिला कमांडो को नक्सलियों के खिलाफ व्यापक प्रशिक्षण दिया गया है और वे आधुनिक हथियारों से लैस हैं।

भारी बारिश में किया काम

भारी बारिश होने के बावजूद महिला कमांडोज ने टिण्डोडी गांव के बाहरी इलाके में अस्थायी शिविरों की स्थापना की और पिछले दो हफ्तों से इस परियोजना को सुरक्षा दी जिसकी वजह से यह पुल सफलतापूर्वक बन सका।

खुफिया जानकारी जुटाने के लिए भी करती हैं मदद

अधिकारियों के मुताबिक राज्य में पुलिस ने महसूस किया है कि माओवादियों के साथ हो रही लड़ाई में महिला कमांडोज के शामिल होने से खुफिया जानकारी इकट्ठा करने में मदद मिल रही है क्योंकि यह कमांडोज गांव में महिलाओं से मिलने और उनसे बेहतर संबंध बनाने में सक्षम हैं।

 



जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

संबंधित खबरें

HTML Comment Box is loading comments...

 


Content is loading...



What-Should-our-Attitude-be-Towards-China


Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll



Photo Gallery
जय माता दी........नवरात्र के लिए मॉ दुर्गा की प्रतिमा को भव्‍य रूप देता कलाकार। फोटो - कुलदीप सिंह

Flicker News


Most read news

 



Most read news


Most read news


खबर आपके शहर की