Akshay Kumar and Priyadarshan Donated to Save Flood Affected People in Kerala

दि राइजिंग न्‍यूज

कानपुर।

 

कहा जाता है कि हिंदी हमारी मातृ भाषा है और यह हमारी शान है, लेकिन योगी सरकार के मंत्री ने अंग्रेजी को ही शान की भाषा बता दिया। कानपुर के शिवली इलाके में मौजूद एक पैलेस में आयोजित किसान कल्याण सम्मलेन में आए उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एसपी बघेल ने किसानों को सर्टिफिकेट बांटा।

यहां उन्‍होंने कहा, ''केवल पारम्परिक खेती करने से किसी भी किसान की आय दोगनी नहीं होगी। अगर अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं तो सबसे पहले उनका अंग्रेजी मजबूत कीजिए। वर्तमान में अंग्रेजी शान की भाषा है जिसे अंग्रेजी नहीं आती वो छात्र बेकार है, उसे अपनी सर्टिफिकेट फाड़कर फेंक देनी चाहिए।''

 

 

बघेल ने कहा, ''मैं हिंदुस्तान के पहले शिक्षा मंत्री और पहले शिक्षा सचिव कि गंभीर आलोचना करता हूं। आजादी के बाद जो पहला बैच निकला था क्या उसमें जनरल नॉलेज और अंग्रेजी का पेपर नहीं रखा गया था, अनिवार्य था। फिर हमको अंग्रेजी से वंचित क्यों किया गया, देहात को अंग्रेजी से वंचित क्यों किया गया।''

 

 

उन्‍होंने आगे कहा, ये शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और शिक्षा शास्त्री कौन थे जिन्होंने पूरे देहात को बर्बाद कर दिया। जब मैं 11 साल की उम्र में कक्षा छह में गया तब अंग्रेजी से पहली मुलाक़ात हुई। कक्षा आठ में मैंने गाय पर निबंध अंग्रेजी में याद किया था, जिसमें मुझे गोबर, कंडे, बैल, की अंग्रेजी नहीं पता थी।

अंग्रेजी को मैं इसलिए रेकमंड कर रहा हूं क्योंकि अंग्रेजी रुतबे की भाषा है, अंग्रेजी शान की भाषा है। आपकी शक्ल ठीक है, टाई कोट लगाकर अगर आप फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हो तो आपको 50 हज़ार की नौकरी आसानी से मिल जाएगी।

 

 

मंत्री ने कहा- आज के जमाने में जो अंग्रेजी नहीं जानता, जो कंप्यूटर नहीं जानता वो बेकार है। उसे अपने सर्टिफिकेट में आग लगा देनी चाहिए क्योंकि उसे नौकरी मिलने वाली नहीं है।

 

 

किसानों का कर्ज हुआ माफ

बघेल ने कहा, ''चुनाव से पहले हमनें कहा था कि पूर्ण बहुमत की सरकार आएगी तब लघु सीमांत किसानों का फसली ऋण माफ करेंगे। इसपर केंद्र सरकार ने मोहर जरूर लगाई मगर यह पैसा उत्तर प्रदेश सरकार दे रही है। यूपी कि बाईस करोड़ की आबादी है और एक करोड़ लोगों का कर्ज़ा माफ किया है।''

उन्‍होंने कहा- किसानों को अपने पैरों पर खड़े होना चाहिए, क्योंकि हर समय एक जैसा दिन नहीं होता है, आने वाले दिनों में यदि किसी अदालत ने ये फैसला सुना दिया कि चुनाव के पहले कोई घोषणा नहीं होगी। ऐसे में जिनको कर्ज लेने की आदत पड़ चुकी है वो मुसीबत में पड़ सकते हैं।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Public Poll