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तेज रफ्तार स्कूली बस पलटी, 12 बच्चे चोटिल

Lucknow | 16-Dec-2017 12:00:21 | Posted by - Admin

 

  • तेज रफ्तार से भाग रही थी बस
  • आजाद इंजीनियरिंग कालेज की थीं बस
   
School Bus Accident in Lucknow City

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

कानपुर रोड स्थित बंथरा में बिजनौर के पास शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार स्कूल बस पलट गई। इस हादसे में करीब एक दर्जन स्कूली बच्चे चोटिल हो गए। हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों को निकाला। इस दौरान आसपास के लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। खास बात यह है कि स्कूल बस हादसे के कई घंटे बाद तक परिवहन विभाग के अधिकारी घटना की जानकारी न होने की दलील देते रहें।

 

पुलिस के मुताबिक आजाद इंजीनियरिंग कालेज की बस संख्या डीएन 3664 शनिवार सुबह बच्चों के लेकर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार जा रही बस अचानक ही पलट गई जिसके बाद हंगामा -हल्ला मचने लगा। लोगों ने पुलिस को सूचना देकर बच्चे को निकाला। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चों को चोटिल बच्चों को प्राथमिक उपचार देकर उन्हें घर भिजवाया। हालांकि कालेज, ड्राइवर तथा बस पर कार्रवाई की बात से पुलिस पल्ला झाड़ती रहीं।

भेजे गए एआरटीओ

 

उधर हादसे की जानकारी मिलने के बाद संभागीय परिवहन अधिकारी विदिशा सिंह ने परिवहन विभाग के एआरटीओ को मौके पर भेजा। उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में सारी जानकारियां एकत्र की जा रही है। उसके बाद वाहन चालक या वाहन की कमी मिलती है तो परमिट रद करने या लाइसेंस रद करने की कार्रवाई की जाएगी।

केवल कागजों पर लग रहे हैं स्पीड गवर्नर

 

उच्चतम न्यायालय के आदेशों तथा हादसों को लेकर कई बार फटकार खाने के बावजूद राजधानी में स्कूली वाहन बिना स्पीड गवर्नर के ही फर्राटा भर रहे हैं। स्कूल वाहन चलाने वालों का भी कोई रिकार्ड परिवहन विभाग के पास नहीं है। शनिवार सुबह हादसे की मुख्य वजह वाहन की रफ्तार ज्यादा होना बताया जा रहा है। जबकि परिवहन अधिकारी घर-दफ्तर में शनिवार बना रहे थे। इस संबंध में परिवहन मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि वाहनों में स्पीड गवर्नर के लिए काफी समय पहले शासन को प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन आज तक उस पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में करीब दो महीने पहले सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद परिवहन विभाग के अपर आयुक्त गंगाफल ने वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने के आदेश दिए थे लेकिन वाहनों की फिटनेस में स्पीड गवर्नर की अनिवार्यता न होने के कारण आदेश दरकिनार हो गया।

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