Mahi Gill Regrets Working in Salman Khan Film

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

राजधानी के बड़े इमामबाड़े के पास स्थित टीले वाली मस्जिद में तीन तलाक बिल के खिलाफ तहफ्फुजे शरीअत मुहिम के बैनर तले हजारों की संख्‍या में लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश भर से भारी संख्‍या में मुस्लिम महिलाओं ने भी भाग लिया। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के समर्थन के बाद इसे बड़े आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है। महिलाओं से सभा करके शरीअत से छेड़छाड़ ना करने और तीन तलाक बिल को पास ना करने की मांग की। यहां पर आई महिलाओं ने सोशल साइट्स के जरिए आंदोलन करने का ऐलान भी किया।

 

 

इतना ही नहीं इन महिलाओं ने राष्‍ट्रपति के उस भाषण का भी विरोध किया, जिसमें उन्‍होंने तीन तलाक का समर्थन किया था। कार्यक्रम के दौरान मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, मौलाना अब्दुल वली फारूकी, जफरयाब जिलानी, मौलाना सईदुर रहमान आजमी नदवी, मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी, मौलाना अब्दुल अली फारूकी, मौलाना फजले मन्नान वाइजी, मौलाना इकबाल कादरी और मौलाना जहांगीर आलम कासमी सहित कई लोग मौजूद रहे।

 

 

शरीयत में दखल और तीन तलाक बिल के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं ने अपनी आवाज मुखर की। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महिला विंग की सदस्‍य असमा जहरा कोलकाता, नई दिल्‍ली से मनहुदा माजिद और राजधानी से निगहत परवीन एवं अमाना रिजवान ने लोगों को संबोधित किया। टीले वाली मस्जिद से अपनी बुलंद आवाज में केंद्र स‍रकार को चुनौती देते हुए इसे तुरंत रोकने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शरीअत ही हमारा धर्म है और इसे बदलने का अधिकार किसी को भी नहीं है। रही बात तीन तलाक की तो इसके लिए हमारे धर्म में कई अन्‍य रास्‍ते हैं हम लोग इसी के समाधान कर सकते हैं।

 

 

इसलिए तीन तलाक कानून की कोई जरूरत नही है। अनुसार आयोजन को सफल बनाने के लिए इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजुलल मन्नान सहित कई उलमाओं ने तैयारियों का जायजा लिया था। 

केंद्र सरकार के तीन तलाक बिल के खिलाफ महिलाओं ने कहा कि यह बिल शरियत के खिलाफ है। इसलिए इसे किसी भी हालत में लागू नहीं किया जाना चाहिए। दरअसल, संसद में तीन तलाक बिल को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पहले ही अपना विरोध जता चुका है। महिलाओं ने प्रदर्शन के बाद राष्‍ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें इस कानून को पास ना किए जाने की मांग की गई है। जमीयत उलमा हिन्द, सुन्नी बोर्ड ऑफ इंडिया समेत कई संगठनों का समर्थन प्राप्त कर चुके इस आंदोलन ने लोगों के बीच एक नई चर्चा खड़ी कर दी है।

 

 

मस्जिदों से हुआ था ऐलान-

तीन तलाक बिल के विरोध में लोगों को जलसे में शामिल होने के लिए मस्जिदों से ऐलान किया गया था। इतना ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया से भी लोगों को शामिल होने की अपील की गई थी। प्रदर्शन करने वालों के अनुसार मस्जिदों में जुमे की नमाज के बाद भी प्रदर्शन में शामिल होने की बात दोहराई जा रही थी। टीले वाली मस्जिद से हो रहे प्रदर्शन को फेसबुक और यू ट्यूब पर लाइव दिखाने की व्‍यवस्‍था की गई थी।

 

 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Loading...

Public Poll