Mona Lisa to use her personal sari collection for new show

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

अयोध्‍या में राम मंदिर को लेकर देश में हर तरफ चर्चा है जबकि राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में विगत नौ सितंबर 2017 को यूपी एसबेस्‍टस सीमेंट फैक्‍ट्री प्रशासन ने कई दशकों पुराना शिव मंदिर को ध्‍वस्‍त कर दिया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस से लेकर प्रशासन तक की लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों ने इस पर कोई तवज्जों नहीं दीं। पुलिस व प्रशासन के भ्रष्ट रवैये के खिलाफ हिंदू जागरण मंच के आह्वान पर स्‍थानीय लोगों ने बुधवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा में प्रदर्शन किया। हिंदू जागरण मंच ने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को एक ज्ञापन सौंपा और उच्‍च स्‍तरीय जांच कराने की मांग की है। इस दौरान अ‍रविंद शुक्‍ला, जितेंद्र चतुर्वेदी, राजेंद्र यादव, जगदीश शुक्‍ला सहित कई लोग मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार विरोध के बाद फैक्ट्री प्रशासन ने रायबरेली हाइवे के किनारे नया मंदिर बनवा दिया था लेकिन लोग पुरानी जगह पर ही शिव मंदिर बनवाने की मांग कर रहे हैं।

यह है पूरा मामला-

 

मंदिर बचाओ अभियान से जुड़े शैलेंद्र यादव ने बताया कि यह मामला वर्ष 1973 से चल रहा है। उस समय यहां पर फैक्‍ट्री बनाने के लिए 74 बीघे किसानों से खरीदी गई थी। इसके बाद सरकार ने इसे यूपी एसबेस्‍टस सीमेंट को लीज पर दे दिया। 1991 फैक्‍ट्री का नियंत्रण अमिताभ तायल के हाथों में आया और वह प्रबंध निदेशक बन गया। इसी दौरान उसने 24 बीघा जमीन बेच ली। 1996 में जब यह मामला कोर्ट में पहुंचा तब तक तीन बार यह जमीन बेची जा चुकी थी। इसके बाद अमिताभ तायल की नजर पास में ही पड़े 16 बीघा जमीन पर गई। ग्राम समाज की इस जमीन पर एक शिव मंदिर भी बना हुआ था। कब्‍जाने की नियत से उसने यहां पर कई बार प्रयास किया लेकिन स्‍थानीय लोगों के विरोध के कारण उसे सफलता नहीं मिली।

7 सितंबर 2017 से जब पित्रपक्ष शुरू हुए तो उसने मंदिर के आसपास बैरीकेडिंग करनी शुरू कर दी। मामले की जानकारी जब तक स्‍थानीय लोगों को हो पाती कि 9 सितंबर की रात को फैक्‍ट्री कारिंदों ने बुलडोजर से मंदिर को ध्‍वस्‍त कर दिया। 10 सितंबर को स्‍थानीय लोगों ने भारी नाराजगी दिखाते हुए प्रदर्शन करना शुरू किया तो डीएम को ज्ञापन लेकर अधिकारियों ने मामले को रफा-दफा कर दिया।

नहीं हुआ भंडारा, खाना फेंकवाया-

 

मंदिर बचाओ को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों ने बताया कि हिंदू जागरण मंच और अन्‍य संगठनों ने गिराए गए मंदिर के पास ही 10 दिसंबर को भंडारे का आयोजन रखा था। शैलेंद्र यादव ने बताया कि जैसे ही इस भंडारे की जानकारी पुलिस-प्रशासन को हुई तो यहां पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इतना ही नहीं भंडारे के लिए बनाया गया भोजन भी नष्‍ट करा दिया गया और लोगों को वहां से दौड़ा कर खदेड़ दिया गया।

“मोहनलालगंज में तोड़े गए मंदिर के विरोध में मुख्‍यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है। उम्‍मीद है कि स्‍थानीय लोगों को न्‍याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।”

ऋषि मिश्र

जिला मंत्री

 

 

 

 

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