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कलेक्ट्रेट का प्रधान सहायक रिश्‍वत लेते हुए गिरफ्तार

Kanpur | 22-Sep-2017 01:00:02 PM | Posted by - Admin

   
Principal assistant of the Collector Arrested for Taking Bribe in Kanpur

दि राइजिंग न्‍यूज

कानपुर।

 

प्रशासन सख्‍त से कानून व्‍यवस्‍था सुधारने में लगी है लेकिन इसी के कुछ कर्मचारी ऐसा चाहते ही नहीं हैं। मामला का कानपुर का है जहां कलेक्ट्रेट के प्रधान सहायक को विजिलेंस की टीम ने दो हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। वह गुरुवार दोपहर कल्याणपुर के एक युवक से हैसियत प्रमाण पत्र देने के नाम पर रुपये ले रहे थे। आरोपी के विरुद्ध कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

 

पार्षद का चुनाव लड़ चुके कल्याणपुर के आवास विकास-1 केशवपुरम निवासी आशीष द्विवेदी ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। दस दिन पहले प्रमाण पत्र तैयार भी हो गया। इसकी सूचना मिलने पर वह कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने न्याय सहायक और राजस्व सहायक का काम देख रहे प्रधान सहायक अजीत सिंह यादव से प्रमाण पत्र मांगा।

आरोप है कि अजीत ने इसके एवज में दो हजार रुपये मांगे। उस दिन आशीष लौट आए और अगले दिन डीएम सुरेंद्र सिंह से शिकायत की। डीएम ने इस मामले को विजिलेंस के हवाले कर दिया। इसके बाद आशीष विजिलेंस के एसपी संजय कुमार से मिले। एसपी ने टीम गठित की और उनसे कहा कि रिश्वत देने से पहले बता दें ताकि आरोपी लिपिक को रंगे हाथ पकड़ा जा सके।

 

 

गुरुवार दोपहर का समय निर्धारित हुआ। विजिलेंस की टीम साढ़े बारह बजे वहां पहुंच गई। पौने एक बजे प्रधान सहायक अजीत सिंह को आशीष ने दो हजार रुपये रिश्वत दी। जैसे ही उन्होंने रुपये अजीत के हाथ में दिए वैसे ही दस्ते ने उनको पकड़ लिया। कोतवाली इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

 

 

रिश्वत नहीं देनी थी इसलिए शिकायत की

आशीष का कहना है कि हैसियत प्रमाणपत्र के लिए वह कई दिन कलेक्ट्रेट गए, लेकिन अजीत के पास दस से बीस लोग मिले। रुपये देने पर ही प्रमाणपत्र मिल रहे थे। ऐसा लग रहा था कि किसी लिपिक का पटल नहीं बल्कि राशन की दुकान हो। रिश्वत नहीं देनी थी इसलिए शिकायत की।

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