Home Up News Potato Price Reaches All Time Low In Uttar Pradesh Districts

लखनऊ: छात्र को चाकू मारने के मामले में आरोपी से आज होगी पूछताछ

राहुल गांधी से मिलने उनके आवास पहुंचे पंजाब के CM अमरिंदर सिंह

अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण, 6000 KM है मारक क्षमता

सुप्रीम कोर्ट के चारों नाराज जजों की CJI के साथ बैठक शुरू

353.69 अंकों की बढ़त के साथ 35,435.51 पर खुला सेंसेक्स

नहीं निकल रही लागत, किसान सड़कों पर फेंक रहे आलू

UP | 17-Dec-2017 17:30:40 | Posted by - Admin
   
Potato Price Reaches All Time Low in Uttar Pradesh Districts

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

उत्‍तर प्रदेश के आलू उत्‍पादक किसानों का भारी पैदावार होने से दम फूल गया है। इस वजह से आलू का थोक भाव 20 पैसे प्रति किलो पर आ गया है, जिसकी वजह से किसान और कोल्ड स्टोरेज मालिक पुराने आलू को सड़क पर फेंकने पर मजबूर हो गए हैं। प्याज और टमाटर की बढ़ती कीमतों के बीच आलू किसानों की मदद के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने भी किसी तरह की घोषणा नहीं की है।

 

 

जहां प्याज के दाम फिलहाल 220 फीसदी बढ़ोतरी लिए हुए हैं, वहीं सब्जियों का राजा कहे जाने वाले आलू की हालत उतनी ही खराब है। यूपी की आलू बेल्ट के नाम से मशहूर आगरा, कानपुर मंडल में पुराने आलू फ्री में लेने को भी कोई तैयार नहीं है। वहीं नई फसल का आलू 5-6 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक रहा है।

 

इन जिलों की हालत खराब

यूपी के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, एटा, औरेया, कानुपर देहात, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, कन्नौज आदि जिले आलू बेल्ट के नाम से मश्हूर हैं। इन जिलों में जो आलू होता है उसको सबसे बेस्ट क्वालिटी का माना जाता है। देश भर के कई राज्यों में यहीं से आलू की सप्लाई होती है।

 

 

अकेले आगरा मंडल में कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने 2.5 लाख टन आलू सड़क पर फेंक दिया है। इस वक्त पुराने आलू का 50 किलो की बोरी 10 रुपये में मिल रही है। इसके अलावा किसानों को बाजार में आलू ले जाने पर भी खर्च करना पड़ता है।

 

वहीं कोल्ड स्टोरेज मालिक भी 110 रुपये प्रति बोरी चार्ज करते हैं। लागत ज्यादा होने और लाभ नहीं मिलने के कारण किसान कोल्ड स्टोरेज से पुराने आलू के स्टॉक को नहीं निकाल रहे हैं। कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने भी खर्च कम करने के लिए अपने प्लांट को बंद कर दिया है, जिससे आलू सड़ने लगा है। इस सड़ रहे आलू को ही सड़क पर फेंका जा रहा है।

 

 

जुलाई में आलू की प्रति बोरी 400 रुपये थी। इसके बाद से लगातार आलू की कीमत गिर रही है। अब सर्दियों में नई फसल की बंपर पैदावार होने के बाद आलू 5-6 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जिस पर भी किसान अपनी लागत को निकाल नहीं पा रहे हैं।

 

सड़कों पर सड़ा हुआ आलू फेंकने से उसकी दुर्गंध से लोग बीमार भी हो रहे हैं। इस आलू को गरीब लोग अपने खाने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। 

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555








TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll





Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news