Home Lucknow News Latest And Trending News On Lucknow Electricity Department

जज लोया मौत केसः SC ने कहा- नहीं होगी सीबीआई जांच

जज लोया मौत केसः SC ने कहा- जजों के बयान पर शक की वजह नहीं

दिल्ली पुलिस पीसीआर पर तैनात एएसआई धर्मबीर ने खुद को गोली मारी

दिल्ली: केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह ने की IOC प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात

बिहार: पटना के एटीएम में कैश ना होने से स्थानीय लोग परेशान

लेसा में लापता उपभोक्ताओं की तलाश शुरु

Lucknow | 16-Dec-2017 17:50:58 | Posted by - Admin

 

  • तैयार कराई जा रही है सूची, इसके होगी कार्रवाई
  • संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं पर मध्‍यांचल एमडी ने जताया रोष
   
Latest and Trending News on Lucknow Electricity Department

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

घोटालों के लिए चर्चित लेसा में एक और संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं के नाम पर घोटाला चल रहा है। संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये के राजस्व की हेराफेरी की जा रही है। आलम यह है कि सरकार नए लोगों को कनेक्शन देने का दावा करते नहीं थक रही और लेसा के मुस्तैद अभियंता जितने कनेक्शन जारी होते हैं, उनके सापेक्ष मे एक तिहाई को फिक्टीशियस बना रहे हैं। लिहाजा केवल कागजी गिनती बढ़ रही है। अभियंताओं के इस खेल के चलते लेसा में फिक्टीशियस उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ ही रहीं है जबकि बिलिंग से लेकर मीटर रीडिंग तक सारा काम आउट सोर्सिंग पर हो रहा है। 

 

मध्‍यांचल के निदेशक तकनीकी एवं कार्यकारी एमडी अजीत सिंह बताते हैं पूरे 19 जिलों में संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं की खत्‍म करने को लेकर विभाग पूरी तरह से तैयार है, संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं की सूची तैयार कराई जा रही है, सभी जिलों की तैयार सूची में जो उपभोक्‍ता डिफाल्‍टर हैं, उन्‍हें समाप्‍त किया जाएगा। सभी जनपदों के सर्किल कार्यालयों और डिवीजन कार्यालायों को संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं को लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं। सर्किल दस के अधीक्षण अभियंता एनके मिश्रा ने बताया कि अब संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं में भारी कमी आई है। 2005-06 के बाद से नियामक आयोग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया कि बकायेदारी की दशा में किसी भी भवन को कनेक्‍शन न जारी किया जाए। इसके बाद से लोगों के बकायेदार होने की कंडीशन में कनेक्‍शन देने से रोक‍ लग सकी।

श्री मिश्रा ने बताया कि बहुत हद तक विभाग की खामियों की वजह से भी संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं की संख्‍या में बढ़ोतरी होती रही। जेई और एसडीओ की ओर से संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं को समाप्‍त करने के लिए तत्‍परता नहीं दिखाई गई। उन्‍होंने बताया कि संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं को समाप्‍त करने के लिए जेई और एसडीओ की ओर से निरंतर बिजली चोरी रोको अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्‍होंने बताया कि हमारे सर्किल से बहुत तेजी से संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं को समाप्‍त किया जा रहा है, यहां पर चार्ट को तैयार कर संदिग्‍ध उपवभोक्‍ताओं पर कार्रवाई की जा रही है, चेयरमैन के आदेश के बाद से यहां  बिलिंग एजेंसियों को डाट फटकार लगाई गई है, जिसके बाद से एजेंसियों द्वारा नान बिलेबल उपभोक्‍ताओं को चिन्हित किया जा रहा है।

कमाई का जरीया हैं संदिग्‍ध उपभोक्‍ता-

 

फिक्टीशियस उपभोक्ताओं का खेल लेसा में बहुत पुराना है। बड़े बकायेदारों के खातों मे हेरफेर कर उन्हें नया कनेक्शन जारी कर दिया जाता है। उपभोक्ता के कनेक्शन आईडी में मामूली से परिवर्तन कर नया खाता खोल दिया जाता है और पुराना संदिग्ध की सूची में डाल दिया जाता है। उसके बाद उसकी जांच भी बंद हो जाती है। ऐसा खेल तब हो रहा है जब लेसा कनेक्शन देते वक्त परिसर की पूरा विवरण अपने रिकार्ड में जमा कराता है। सवाल यह है कि परिसर कैसे गायब हो रहे हैं, इस बारे में अभियंता दायें बाएं जवाब देते हैं। जबकि इन्हीं फिक्टीशिस उपभोक्ताओं की जमीन पर कोई नया निर्माण होता है, लेसा पूरा रिकार्ड लेकर हाजिर हो जाता है। लेसा में इस तरह के कई घोटाले सामने आ चुके हैं।

लेसा के आकड़ों के मुताबिक 2015 में कुल उपभोक्ता 8067717 थे इनमें 669843 उपभोक्ताओं की बिलिंग हो रही थी। यानी एक लाख 36 हजार उपभोक्ता संदिग्ध थे। वर्तमान में यानी नवंबवर 2017 में लेसा के आकड़ों  के मुताबिक कुल उपभोक्ता 989894 हैं जिनमें बिलिंग 783139 की हो रही है। यानी करीब दो लाख छह हजार  उपभोक्ता फिक्टीशियस हैं। सवाल यह है कि दो साल में दो साल में 76 हजार उपभोक्ता लापता कैसे हो गए। अगर उपभोक्ता लापता हो गए तो उन परिसरों में नए बिजली कनेक्शन कैसे लग गए। ये तमाम मामले में लेसा में व्याप्त भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। दो साल में फिक्टीशियस उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफे की बावत मुख्य अभियंता आशुतोष कुमार कंप्यूटर पर पुराने खाते दोबारा खुल जाना बताते हैं मगर यह नहीं बता पाते कि आखिर इनकी संख्या में इजाफा कैसे हो गया। यही नहीं, जो उपभोक्ता मिल नहीं रहे हैं, उनसे वसूली के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई, इस का भी उनके पास कोई स्पष्ट उत्तर नहीं है।

 

 

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555








TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll

Merchants-Views-on-Yogi-Government-One-Year-Completion




Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news