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दि राइजिंग न्‍यूज

आउटपुट डेस्‍क।

 

गुजरात विधानसभा चुनाव इन दिनों चर्चा में छाया हुआ है। इसी के मद्देनज़र बीजेपी की सोशल मीडिया टीम पार्टी को मजबूत करने के लिए हर मुमकिन कोशिशों में जुटी हुई है। इस बार का चुनाव सबसे अहम माना जा रहा है। इस बार बीजेपी से सबसे ज्यादा बार सीएम रहे नरेंद्र मोदी चुनावी मैदान में नहीं है। हालांकि वो केंद्र से बैठ अमित शाह के साथ पूरी राजनीति कर रहे हैं, लेकिन पीएम मोदी के अलावा ये 4 भी नेता हैं, जिन्होंने गुजरात की राजनीति को पूरी तरह बदल कर रख दिया। 

नरेंद्र मोदी

देश के वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात की राजनीति के ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने गुजरात को ही नहीं पूरी बीजेपी पार्टी को प्रभावित किया और अटल युग के बाद बीजेपी में मोदी युग की शुरूआत की। मोदी ने 12 सालों तक गुजरात में सीएम का पद संभाला। उन्होंने गुजरात में राजनीति की परिभाषा ही बदलकर रख दी। मोदी 2002 - 2014 तक सीएम रहे। अब देश के प्रधानमंत्री हैं। 

शंकर सिंह वाघेला

शंकर सिंह वाघेला को नरेंद्र मोदी का राजनीतिक गुरू माना जाता है लेकिन अब दोनों के बीच बहुत दूरियां हैं। गुजरात में दो बापू हैं। एक हैं महात्मा गांधी जिन्हें पूरा देश बापू कहता है और दूसरे हैं शंकर सिंह बाघेला, इन्हें पूरा गुजरात बापू कहता है। 1995 से पहले उन्होंने बीजेपी के लिए गुजरात में जी-तोड़ मेहनत की थी। गुजरात भारत में पहला ऐसा राज्य बना जहां बीजेपी ने अपने दम पर सरकार बनाई थी लेकिन बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने पटेल समुदाय को खुश करने के लिए उनकी जगह केशुभाई पटेल को सीएम पद की कुर्सी सौंप दी। यहीं से वाघेला और बीजेपी के बीच दरार की शुरुआत हो गई।

 

वाघेला सिर्फ 4 दिनों के लिए गुजरात के सीएम बने लेकिन उनके प्रभाव से हमेशा राजनीति में उथल पुथल रही। जब गुजरात में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी तो बड़े नेता बाघेला साइड में आ गए, मोदी सुपर सीएम बन गए। जब मोदी पीएम बने तो गुजरात विधानसभा में मोदी की प्रशंसा में भाषण देने वाले बाघेला ही थे।

नितिन पटेल

नितिन पटेल की उत्तर गुजरात में मजबूत पकड़ है। उत्तर गुजरात से आने वाले नितिन पटेल 1985 से गुजरात बीजेपी में सक्रिय हैं। गुजरात के वित्त, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री नितिन जमीनी नेता हैं। उनका कॉटन जिनिंग और तेल का व्यापार है। माना जा रहा है कि नितिन के मोदी और अमित शाह दोनों से अच्छे रिश्ते और सामाजिक कार्यकर्ता जैसी छवि के चलते वह मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल दूसरे लोगों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

सुरेश मेहता

सुरेश मेहता 1995 से 1996 के मध्य भारतीय राज्य गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री रहे। वे कच्छ से ताल्लुक रखते हैं तथा 2007 तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनेता रहे। बाद में वे गुजरात परिवर्तन पार्टी शामिल हुए। उन्होंने फरवरी, 2014 में गुजरात परिवर्तन पार्टी का भाजपा में विलय का विरोध किया और पार्टी छोड़ दी। एक एंटरव्यू के दौरान मेहता ने प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात विकास मॉडल को एक धोखा बताया। इनका भी गुजरात की राजनीति में एक अहम रोल रहा और बीजेपी से अलग होगा एक नए पार्टी शुरू कर, राजनीति की तस्वीर बदली। 

बाबूभाई पटेल

बाबूभाई पटेल उर्फ बाबू बजरंगी गुजरात में हुए दंगों के दौरान बजरंग दल का नेता था। गुजरात में वर्ष 2002 में हुए दंगों को लेकर बाबू बजरंगी हरदम चर्चा का केंद्र बने रहे। 2007 में एक स्टिंग ऑपरेशन में बाबू बजरंगी को ये कहते दिखाया गया था कि उसने कैसे 2002 के नरोदा पाटिया नरसंहार में हुई मुस्लिमों की हत्या में अहम भूमिका निभाई थी।

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