Home Lucknow News Case Of Fraud In The Name Of Cement Business

27-28 अप्रैल को वुहान में चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे पीएम मोदी

भगवान के घर देर है अंधेर नहीं: माया कोडनानी

हैदराबाद: सीएम ऑफिस के पास एक बिल्डिंग में लगी आग

पंजाब: कर्ज से परेशान एक किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

देश में कानून को लेकर दिक्कत नहीं बल्कि उसे लागू करने को लेकर है: आशुतोष

धड़ल्‍ले से नकली सीमेंट का कारोबार

Lucknow | Last Updated : Dec 14, 2017 03:30 PM IST

 

  • राजधानी के ठाकुरगंज में चल रही नकली फैक्‍ट्री
  • पुलिस की भूमिका संदिग्‍ध, एसीएम ने दिए जांच के आदेश
   
Case of Fraud in the name of Cement Business

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

राजधानी के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस की मिली भगत से अवैध सीमेंट का कारोबार धड़ल्‍ले से हो रहा है। यहां पर एससीसी, चैंपियन और बिरला समेत कई ब्रांडेड कंपनियों के नाम से आसपास की दुकानों में नकली सीमेंट बेचने का गोरखधंधा चल रहा है। पुलिस को मामले की जानकारी होने के बाद भी आज तक आरोपी श्रवण अवस्‍थी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं इस आरोपी पर पहले भी एसडीएम सदर राजकमल यादव ने 2016 में छापेमारी की थी लेकिन वह मौके से फरार हो गया था। इसके बाद आज तक पुलिस उसे पकड़ ही नहीं पाई। मामले पर एसीएम द्वितीय संतोष कुमार सिंह ने जांच के आदेश दिए है। उन्‍होंने कहा कि जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

 

थाना क्षेत्र के रिंग रोड़ चौकी स्थित लालबाग में कई वर्षों से श्रवण अवस्‍थी और सुरेंद्र कुमार नकली सीमेंट का कारोबार करता चला आ रहा है। सूत्रों के अनुसार फैक्‍ट्री चलाने वाले आरोपी पुलिस को 20 हजार रुपये महीने का चढ़ावा भी चढ़ाते हैं। पुलिस का कारखास निजामुद्दीन मामले पर खास भूमिका निभाता है। वही फैक्‍ट्री मालिकों और पुलिस के लिए सेटिंग करता है और कार्रवाई से लेकर सभी तरह की जानकारी भी संचालकों को देता है। यही कारण है कि पुलिस इनपर कार्रवाई करने की हिम्‍मत नहीं जुटा पाती है।

फैक्‍ट्री में काम करने वाले मजदूर बताते हैं कि ट्रकों से हर ब्रांड की फटी बोरियों से निकला हुआ सी‍मेंट फैक्‍ट्री संचालक खरीदते हैं। इसके बाद कुटाई-पिसाई करके उसे तरह –तरह के ब्रांड नाम वाली खाली बोरियों में भर दिया जाता है। इसके बाद फैक्‍ट्री वाले डीलरों को बेंचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। मामले पर ठाकुरगंज इंस्‍पेक्‍टर दीपक दुबे ने कार्रवाई करने का दावा किया है।

इसके पहले भी होता रहा कारोबार-

 

  • 03 अगस्‍त 2016 को पारा थाना क्षेत्र के कैनाल रोड़ पुलिस ने छापेमारी करते हुए ब्रॉन्डेड सीमेंट की नकली फैक्ट्री को सील किया था। इस दौरान यहां से 750 बोरियों में भरी सीमेंट भी बरामद की गई थी। पुलिस को यहां से सीमेंट बनाने वाले उपकरण भी मिले थे। घटनास्‍थल से फैक्‍ट्री मालिक अर्जुन यादव पुत्र दयाराम यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। 

  • 22 मई 2016 को पारा थाना क्षेत्र के ही मोहान रोड़ पर ब्रांडेड कंपनी के नाम से नकली सीमेंट बेचा जा रहा था। यहां पर तत्‍कालीन एसडीएम राजकमल यादव ने कार्रवाई करते हुए 300 भरी हुई बोरियों को जब्‍त किया था। पूरे मामले में श्रवण कुमार अवस्‍थी और अन्‍य लोगों का नाम सामने आया था। हालांकि इसके बाद मामला रफा-दफा हो गया था।  

“ठाकुरगंज स्थित अवैध सीमेंट फैक्‍ट्री मामले की जानकारी हुई है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाएगा। इसके लिए इंस्‍पेक्‍टर ठाकुरगंज से जानकारी मांगी गई है। फैक्‍ट्री को सील करने के साथ ही विधिक कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं जिस अधिकारी की भूमिका संदिग्‍ध होगी उसे भी छोड़ा नहीं जाएगा।”

संतोष कुमार सिंह

एसीएम-2

“उच्‍चाधिकारियों अवैध सी‍मेंट की सूचना मिली है। पुलिस को भेजकर जानकारी की जा रही है। जल्‍द ही कार्रवाई होगी। फैक्‍ट्री पर पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। हालांकि मामले की जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।”

दीपक दुबे

इंस्‍पेक्‍टर, ठाकुरगंज

 


"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555




Flicker News

Loading...

Most read news


Most read news


Most read news


Loading...

Loading...