Akshay Kumar Appears for Fund Collection for Pulwama Attack Martyr Families

दि राइजिंग न्‍यूज

कानपुर।

 

एसएन सेन महाविद्यालय “विविधा-2018” के अंतर्गत पिछले कई दिनों से अलग-अलग विभागों से सम्बंधित प्रतियोगिताएं आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में आज वनस्पति विभाग ने विज्ञान प्रसार के सशक्त माध्यम “पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन” अंतरमहाविद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन किया। जहां छात्र-छात्राओं ने वनस्पति का कितना महत्व है हर व्यक्ति के जीवन में, इसको लेकर सुंदर-सुंदर प्रेजेंटेशन दिए।

आज एसएन सेन महाविद्यालय में विविधा-2108 के अंतर्गत वनस्पति विज्ञान विभाग ने विज्ञान प्रसार संबंधित पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में एक दर्जन से अधिक महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य निर्णायक के रूप में पधारे डॉक्टर ललित कुमार और डॉक्टर यशपाल मलिक ने दीप प्रज्वलित कर किया।

 

 

प्रतियोगिता के माध्यम से दर्शाई वनस्पति विज्ञान की उपयोगिता

इस दौरान प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने वनस्पति विज्ञान की उपयोगिता के विभिन्न शीर्षकों जैसे जीवाश्मों के व्यवहारिक उपयोग, इंटीग्रेटेड पोस्ट मैनेजमेंट, एप्लाइड पैलियो बॉटनी, जेनेटिकली मोडिफाइड प्लांट्स आदि टॉपिक्स पर अपने प्रेजेंटेशन देकर वनस्पति का महत्व बताया।

 

 

हरा भरा वातावरण रखने के लिए प्लांट जरूरी

संयोजक डॉक्टर प्रीति सिंह ने बताया कि वनस्पति विज्ञान के बिना जीवन ही नहीं है क्योंकि हमें खाना हो या कपड़ा सभी प्लांट से मिलते हैं और जो पानी की रिसाइकिल होती है, वह भी प्लांट के थ्रू ही होती है। वनस्पति में बहुत से ऐसे प्लांट हैं, जिनसे प्रदूषण कंट्रोल रहता है। रबर प्लांट कहीं भी लगाइए जो प्रदूषण को अपनी तरफ खींच लेता है, जिससे वातावरण स्वच्छ रहता है।

 

 

वहीं, एप्लाइड एस्पेक्ट्स ऑफ बॉटनी प्रतियोगिता में प्रेजेंटेशन देने आई छात्रा ख्याति शुक्ला ने बताया कि जिस तरह से शहर में प्रदूषण बढ़ रहा है, उसे हटाने के लिए वनस्पति का कई तरह से प्रयोग कर सकते हैं। फंगस, खास तौर पर बेक्टैरिया है। इनके थ्रू जब प्रदूषण हटाया जाता है तब उसको बायो रेमिडिएशन बोलते हैं तो सीओटू मोनास जैसे बेसलर्स जैसे बैक्टीरिया हम सभी प्रदूषण हटाने में प्रयोग कर सकते हैं। वहीं, आजकल डॉयबिटीज की भी समस्या बढ़ती जा रही है, उसके लिए पहले स्लाटर्ड एनिमल जैसे पिग उनकी इन्सुलिन का प्रयोग करते थे लेकिन अब जेनेटिकली और इंजीनियरिंग के थ्रू कर रहे हैं, जिससे अब उन जानवरों की जान भी बचाई जा रही है।

रोहन ने बताया कि वनस्पति का हमारे जीवन में बहुत महत्‍व है। इसकी जररूतों को सभी को समझना चाहिए। प्लांट लगाना बहुत जरूरी है सभी के लिए और इसके लिए लोगों को जागरूक भी होना होगा

इस अवसर पर प्राचार्या डॉक्टर पूर्णिमा त्रिपाठी, डाक्टर सन्ध्या सिंह समेत तमाम विभागों की प्रोफेसर मौजूद रहीं।

 

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