Ayushman Khurrana Wants To Work in Kishore Kumar Biopic

दि राइजिंग न्‍यूज

कानपुर।

 

गुरुवार को दयानन्द गर्ल्स पीजी कॉलेज विज्ञान संकाय द्वारा बेसिक टेक्निक इन माइक्रोबायोलॉजी की सात दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला का शुभारंभ कानपुर विश्वविद्यालय की कुलपति मुख्य अतिथि के रूप में प्रो नीलिमा गुप्ता ने किया। इस अवसर पर आइटीआरसी लखनऊ से आए चीफ साइंटिस्ट डॉक्टर विवेक मौर्या भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि प्रो नीलिमा गुप्ता ने कॉलेज परिसर में पौधरोपण किया और वाटर कूलर का उद्घाटन किया।

 

 

कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉक्टर नीलिमा गुप्ता ने बताया कि प्रायोगिक कार्य महाविद्यालयों में न होने से विज्ञान विषय में रुचि कम हो रही है, जबकि बिना प्रायोगिक कार्य के विज्ञान की पूर्ण जानकारी असंभव है। बिना विज्ञान के विकास नहीं हो सकता, इसलिए इनोवेशन और इंपेन्सन हेतु प्रैक्टिकल आवश्यक है। शिक्षक शिक्षा और अपनी कक्षा को यदि रुचिकर बनाना चाहता है तो वे छोटे-छोटे प्रयोग करके दिखाए और इस बात का ध्यान रखें कि छात्रों को कुछ अलग और नया मिले इसके लिए शिक्षकों को अपडेट रहना होगा।

 

 

कई जिलों के शिक्षकों-विद्यार्थियों ने की शिरकत

कोर्डिनेटर सुनीता आर्या ने बताया कि छात्राओं को स्वावलंबी बनाने के लिए इस प्रकार की कार्यशालाएं बहुत मददगार होंगी, जिससे विज्ञान से विकास की ओर अग्रसर होंगे। साथ ही इस कार्यशाला में कानपुर, इलाहबाद, इटावा, औरैया, फतेहपुर, उन्नाव, लखीमपुर समेत तमाम जिलों से विद्यार्थियों और शिक्षकों ने शिरकत की।

इस कार्यशाला में यह बताया गया है कि सूक्ष्म जीवों का हमारे दैनिक जीवन में कितना उपयोग है। सूक्ष्म जीव लाभदायक और हानिकारक दोनों हैं, इसके बारे में भी बताया गया। आगामी सात दिनों तक विद्यार्थियों को मिट्टी, पानी, दही, कोल्ड्रिंक आदि से बैक्टीरिया को अलग करना और उसकी पहचान कराना सिखाया जाएगा। इस अवसर पर प्रिंसिपल साधना सिंह, अनन्ता स्वरूप समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।

 

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