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दि राइजिंग न्यूज़

कानपुर।

 

मोदी सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की पहल अब दीवारों तक ही सीमित रह गयी है। 21वीं सदी में भी बेटियों को अभिशाप समझा जाने लगा हैं। एक ऐसी ही मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर चकेरी थाना क्षेत्र के सनिगवां में सामने आई है। यहां एक नवजात प्रीमेच्योर बच्ची जिसने अभी तक ठीक से आंख भी नही खोली थी, उसे झाड़ियों में फेंक दिया गया। हालांकि बच्ची अभी ज़िन्दगी और मौत की जंग लड़ रही है।

बच्ची की हालत नाजुक

आपको बता दें कि चकेरी थाना क्षेत्र के सनिगवां चौकी अंतर्गत गनेशपुर गांव में नवजात प्री मेच्योर लगभग साढ़े 7 माह की बच्ची को कोई झाड़ियों में मरने के लिए फेंक कर चला गया। इस दौरान वहां से गुज़र रहे राहगीरों की नज़र झाड़ियों पर पड़ी और उन्होंने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। झाड़ियों में बच्ची मिलने की सूचना पर गांव वालों में हड़कम्प मच गया। पास जाकर जब लोगों ने देखा तो बच्ची ज़िंदा थी लेकिन आसपास उसे चीटियों ने घेर रखा था। साथ ही झाड़ियों से उसके शरीर पर खरोंच के निशान भी मिले हैं।

सूचना पर क्षेत्रीय पार्षद सौरभ तिवारी भी मौके पर पहुंच गए। नाजुक हालत में क्षेत्रीय लोगों की मदद से पार्षद ने उस बच्ची को नौबस्ता स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टर्स ने बच्ची को आईसीयू वेंटिलेटर पर रख दिया है। फिलहाल बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है। भाजपा पार्षद सौरभ तिवारी का कहना है कि गांव वालों ने सूचना दी कि झाड़ियों में एक बच्ची पड़ी हुई है जिसके बाद हम सभी ने पास जा कर देखा तो बच्ची ज़िंदा थी और उसके आसपास चीटियां थीं। देर न करते हुए बच्ची को अस्पताल ले आये। अस्पताल के डॉक्टर वीके साहू का कहना है कि प्री मैच्यूर लगभग साढ़े 7 माह की नवजात बच्ची को लाया गया है जिसका वजन 1 किलो कुछ ग्राम है। फिलहाल अभी बच्ची की हालत काफी नाजुक है अभी 1 सप्ताह तक उसे यहां रखेंगे उसके बाद ही बच्ची की सही स्थिति का पता चल सकेगा।

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