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दि राइजिंग न्‍यूज

कानपुर।

 

कानपुर के बिरहाना रोड स्थित माता वैभव लक्ष्मी मंदिर में हजारों की संख्‍या में श्रद्धालुओं की भीड़ शुक्रवार सुबह से ही दिखाई दी। ये भीड़ माता के दर्शन कर माता का खजाना लेने के लिए पहुंची हुई थी। लोगों का मानना है कि माता वैभव लक्ष्मी मंदिर के इस खजाने को ले जाकर अपने घर के अंदर या अपने प्रतिष्ठानों में रखने से बरक्कत होती है और सुख, समृद्धि, धन, वैभव और यश बढ़ता है।

 

 

खजाने के लिए तड़के सुबह से लगी भक्तों की कतार

कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र के माता वैभव लक्ष्मी मंदिर में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ माता के दर्शन कर खजाना लेने के लिए उमड़ पड़ी। इस दौरान हज़ारों की संख्या में पहुंची महिलाओं ने माता रानी के दर्शन कर खजाने की प्राप्ति की। बताया जाता है यह मंदिर तो बहुत पुराना है लेकिन इसका जीर्णोद्धार सन् 2000 में हुआ और जिसके बाद से हर वर्ष खजाने का वितरण नवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार को किया जाता है।

 

 

इस खजाने को लेने के लिए प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से भक्त यहां पर आते हैं और माता रानी के खजाने को प्राप्त करते हैं। इस दौरान सुबह 6 बजे से माता रानी का खजाना वितरण शुरू किया जाता है। वहीं, इस खजाने को लेने के लिए महिलाएं लगभग दो किलोमीटर की लंबी कतार में घंटों खड़ी होकर इसकी प्राप्ति करती हैं।

 

कानपुर से रिपोर्टर विशाल शुक्ला की एक रिपोर्ट

 

प्रसाद के रूप में दिया जाता है खजाना

महंत अनूप कपूर ने बताया कि यह मंदिर तो वैसे बहुत पुराना है। ऐसा बताया जाता है कि माता के रूप में एक बाल कन्या मन्दिर में आकर नाच रही थी। 1889 में यह मंदिर हमारे पूर्वज बनवा गए थे। उन दिनों मंदिर में भगवान शंकर जी विराजमान थे। महंत ने बताया कि उनकी पत्नी यहां पूजन व्रत करती थीं और एक रात स्वप्न में माता ने उन्हें दर्शन दिए। जिसमें उन्होंने कहा कि चढ़ावे में जो सिक्के चढ़ें उसे लाल कपड़े में लपेटकर भक्तों को प्रसाद के रूप में बांट दिया जाए, जिसके बाद से इस मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ और सन् 2000 से यहां खजाने वितरित की परंपरा शुरू हो गयी। साल में 2 बार आने वाले नवरात्रि के शुक्रवार को खजाना बांटा जाता है।

 

 

 

उन्‍होंने बताया कि माता वैभव लक्ष्मी के दर्शन को लेकर दो किलोमीटर लंबी लाइन महिलाओं की लगाती हैं। देश के कोने-कोने से भक्त यहां विशेष रूप से माता के दर्शन कर नवरात्रि के शुक्रवार को खजाना प्राप्त करते हैं। खास बात यह है कि जिन लड़के-लड़कियों की शादी नहीं हो रही होती है, वह यहां दर्शन के लिए आते हैं और उनकी शादियां माता की कृपा से जल्दी हो जाती हैं।

माता की बड़ी कृपा

बिहार से आई लक्ष्मी हर वर्ष यहां आकर माता के दर्शन कर खजाना पाती हैं। उनका कहना है कि जबसे हम यहां आ रहे हैं हमारे घर में माता रानी ने खुशहाली भर दी है। वहीं, कई घंटे की कतार में खड़ी हुई उन्नाव से आई शोभा ने बताया कि यहां नवरात्र के शुक्रवार को खजाना दिया जाता है, जिसे हम सभी सुबह से ही प्राप्त करने के लिए पहुंच गए। यहां माता के दर्शन कर खजाना प्राप्त किया, जिसे घर की अलमारियों में रखेंगे और ऐसा करने से घर में बरक्कत होती है।

 

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