Ayushman Khurrana Wants To Work in Kishore Kumar Biopic

दि राइजिंग न्यूज़

कानपुर।

गुरूवार को विश्व अर्थराइटिस दिवस से पहले आर्थराइटिस स्पेशलिस्ट डॉक्टर भास्कर शर्मा ने गठिया रोग के बारे में विशेष जानकारी देते हुए कानपुर प्रेस क्लब में एक वार्ता की। जिसमें उन्होंने बताया कि अब गठिया को बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट के द्वारा खत्म किया जा सकता है।

शरीर में प्रतिरोधक क्षमता की गड़बड़ी से होती है गठिया

डॉक्टर भास्कर शर्मा ने बताया कि गठिया से बचने के लिए समय रहते अगर हम इलाज शुरू कर दें तो इसपर काबू पाया जा सकता है। गठिया की बीमारी सिर्फ जोड़ों और हड्डियों को ही नहीं बल्कि शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित करती है। यह बीमारी न केवल बुजुर्गों और महिलाओं में बल्कि बच्चों और युवाओं में भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों से नैनो टेक्नोलॉजी और जेनेटिक इंजीनियरिंग के माध्यम से बॉयोलोजिकल ट्रीटमेंट अब हमारे शहर में उपलब्ध है। अभी यूपी में केवल यह पीजीआई में ही मौजूद था। हालांकि, अब कानपुर में भी चल रहा है। बायोलॉजिकल ट्रीटमेन्ट की सहायता से शरीर के अंगों का टेढ़ापन और विकलांगता पर रोक लगाई जा सकती है।

 

दवाई की जरूरत नहीं, लाइफस्टाइल रखें दुरुस्त

डॉक्टर भास्कर ने बताया कि यह कोई बीमारी नहीं है। यह हमारे खुद की लाइफस्टाइल की वजह से बीमारी पैदा हुई है। मोटापा, खानपान, बैठना, इंडियन टॉयलेट का प्रयोग करना आदि, से हड्डियों पर दबाव पड़ता है और यह रोग उतपन्न हो जाता है। इससे बचाव और रोकथाम के लिए हमे दवा की जरूरत नहीं है। बस अपना लाइफस्टाइल, खानपान सुरक्षित रखना चाहिए। प्रदूषण की वजह से भी खानपान पर काफी असर पड़ रहा है।

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