Golmal Starcast Will Be in Cameo in Ranveer Singh Simba

दि राइजिंग न्‍यूज

कानपुर।

 

प्रदेश में भाजपा की सरकार आते ही सड़कों को गड्ढामुक्त और जलभराव मुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन उनके सभी आदेशों और दावों की पोल खुल गई। पिछले छह दिनों से शहर में हो रही भारी बारिश के चलते जनता त्राहिमाम कर रही है और अधिकारी आश्वासन देने के बाद अपने एसी वाले ऑफिस में आराम से बैठ जाते हैं।

नगर निगम के अधिकारियों ने करोड़ों रुपए खर्च कर इस बात का आश्वासन दिया था कि इस बारिश में जनता को  जलभराव से दो-चार नहीं होना पड़ेगा, लेकिन छह दिन की बारिश ने नगर निगम के सारे दावों की पोल खोल कर रख दी। पूरे शहर में जगह-जगह सड़के धंसी हुई हैं। सड़कों पर पसरी हुई बजरी से सड़क पर चलने वाले वाहन आगे बढ़ने से डरने लगे हैं। न जाने इस बजरी से कितने लोग फिसल कर चुटहिल हो गए हैं और आगे बड़ा हादसा भी हो सकता है।

 

 

जिससे जान तक जा सकती है, लेकिन अधिकारियों को इस बात की ज़रा भी फिक्र नहीं है। जलमग्न तो पूरा शहर है। यह तस्वीर बड़े चौराहे स्थित पुलिस बूथ की है, जहां चारों तरफ जलभराव है। होमगार्ड्स को ईंटों के सहारे बच-बच के कदम रखने पड़ रहे हैं।

 

 

गड्ढायुक्त सड़कों और पसरी बजरी से खुली पोल

एक तस्वीर जाजमऊ इलाके की जहां बारिश के चलते सड़क अचानक धंस गई, जिससे लगभग पंद्रह फीट गहरा गड्ढा हो गया। जिसके बाद क्षेत्रीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस ने गड्ढे के चारों तरफ बैरिकेटिंग लगाकर नगर निगम को सूचित किया। वहीं, कैंट क्षेत्र की तरफ मरे कंपनी पुल की खस्ताहाल सड़क पर वाहन बच-बचकर निकलने की जुगत में दिखाई दिए।

 

 

भारी मात्रा में पसरी हुई बजरी के बीच लोग धीमी रफ्तार में वाहन चला रहे थे, जिससे कहीं पसरी बजरी से दोपहिया वाहन फिसल न जाएं, तो वहीं बजरिया के पास इलाके में भी कुछ ऐसा ही आलम दिखाई दिया। राहगीर कमर आलम ने बताया कि सड़कों पर सही उत्पाद नहीं डाले गए हैं। ये नगर निगम की बड़ी लापरवाही है। पूरे शहर में बरसात से सड़कों पर सिर्फ बजरी ही दिखाई दे रही है, जिससे लोग फिसलकर चुटहिल हो रहे हैं। अधिकारियों अपनी मनमानी पर उतारू हैं।

 

 

भ्रष्‍टाचार के कारण नहीं ठीक हो पाईं सड़कें

शहर की खस्ताहाल सड़कों और पसरी बजरी को लेकर अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट में डीएम के नाम एक ज्ञापन दिया और कहा कि जल्द से जल्द इसे सुधारा जाए।

 

 

अधिवक्ता नीरज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जब योगी सरकार आई थी, तब उन्होंने सड़कों की व्यवस्था सुरक्षित बनाने के आदेश दिए थे। मगर, आलाधिकारियों की हीला-हवाली के चलते न तो सड़कें बन सकीं और न ही इस पर कोई ठोस कार्यवाई हुई। अब तो बारिश के चलते सड़क मौत के समान हो गई हैं, क्योंकि उस पर बजरी फैली हुई है। सड़कों पर उत्‍पन्‍न गड्ढे और बजरी का मुख्य कारण गुणवत्तापूर्ण सड़कें न बनना है। ये सब भ्रष्‍टाचार में डूबे अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा ही संभव हो पाया है।

उन्‍होंने कहा, आज छह दिनों से हो रही बारिश के कारण शहर भर में सड़कें खस्ताहाल हो गयी हैं, जिससे सड़कों पर बजरी ही बजरी दिखाई दे रही हैं। इससे शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढायुक्त सड़कों से उत्‍पन्‍न बजरी से दोपहिया वाहन गिर रहे हैं। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग करते हुए कहा है कि जल्द से जल्द सड़कों की हालत सुधारी जाए अन्यथा कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement