Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्‍यूज

विशाल शुक्‍ला

कानपुर।

 

पिछले पांच दिनों से हो रही भारी बारिश ने तो नगर निगम की पोल खोल कर रख दी है। शहर का 60 फीसदी एरिया जलमग्न हो चुका है। इस जमीनी हकीकत की पड़ताल करने के लिए दि राइजिंग न्यूज की टीम गुजैनी के रविदास पुरम इलाके के वार्ड नंबर 9 पहुंची तो चौका देने वाली हकीकत सामने आई।

यहां आम जनता जलभराव की समस्या के चलते घर से पलायन करने को मजबूर दिखी। आलम यह था कि लोग ठेला, ट्रैक्टर, ट्रक, टेंपो आदि वाहनों से अपना रोजमर्रा का सामान लादकर सुरक्षित स्थान पर जाते हुए दिखाई दिए। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पिछले पांच दिनों से भीषण बारिश से हमारा जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

 

 

बारिश और पांडु नदी के पानी से आई बाढ़ के चलते गुजैनी वार्ड 9 रविदासपुरम के लगभग 1800 घर आधे डूब गए हैं। नालों का पानी सीधे घरों में घुस गया है, जिससे परेशानियां काफी बढ़ गयी हैं। वहीं, कच्ची बस्ती मायापुरम पूरी तरह से तहस-नहस हो गई। अब हमारे पास सड़क पर आने के अलावा कोई चारा नहीं है। हमें अपना सामान घरों से निकालकर बच्चे-बूढ़े सबको लेकर सड़कों पर रहना पड़ रहा है।

 

 

 

नहीं सुनते अधिकारी

आलाधिकारियों से कई बार इसकी गुहार लगाए जाने के बावजूद भी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके चलते हम लोग बेघर हो चुके हैं और सड़क पर रहने को मजबूर हैं। इस दौरान आक्रोशित लोगों जिला प्रशासन के खिलाफ और सूबे की सरकार के खिलाफ जलभराव के बीच बैठकर जोर-जोर से नारेबाजी भी की। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जब-जब चुनाव आते हैं तो क्षेत्रीय नेता लोक लुभावन वायदे करते हुए अपने पक्ष में मतदान की बात कहकर आम जनता को गुमराह करते हैं और बाद में जनसमस्याओं के लिए जनता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। क्षेत्र की खस्ताहाल व्यवस्था इसका एक प्रत्यक्ष उदाहरण है।

 

 

आइए सुनते हैं क्‍या बोले क्षेत्रीय लोग-

क्षेत्र के शिवकुमार ने बताया कि पांच दिन हो चुके हैं। शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन यहां प्रशासन का कोई भी जन प्रतिनिधि दिखाई नहीं दिया है। आज हमारे घर के लोग पलायन करने को मजबूर हैं। हम सड़कों पर तिरपाल लगाकर, ट्रकों पर बैठकर जीवन बसर कर रहे हैं। बारिश के चलते पांडु नदी का पानी बाढ़ के रूप में घुसकर घरों को तहस-नहस कर रहा है। ऊपर से सीवर का पानी भी मिक्स होकर रोजमर्रा जीवन को प्रभावित कर रहा है। पेपरों में सीवर नाले का काम मालती ने बताया कि बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। घरों में इतना पानी है कि कैसे घर पर रहे। कोई मदद नहीं की जा रही।

 

 

 

संतोष ने बताया कि ये जनप्रतिनिधि केवल वोट के लिए क्षेत्र में दिखाई पड़ते हैं, जनता जिए चाहे मरे इन्हें कोई लेना-देना नहीं है। मालती का कहना है कि घर डूब चुके हैं। जान पर आ पड़ी है, क्या करें कहां जाएं। राहुल अग्निहोत्री ने बताया कि सीवर नाले का कोई काम वार्ड में नहीं हुआ है। अधिकारी केवल खानापूर्ति करके चले जाते हैं।

 

 

 

सपा नगर सचिव ने साधा निशाना

वहीं, सपा के नगर सचिव अमित सिंह यादव ने बताया कि प्रशासन की नाकामी साफ दिखाई दे रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर लगातार प्रशासन अनदेखी कर रहा है। यहां के न तो विधायक, मंत्री न ही पार्षद इस क्षेत्र का हाल जानने की जहमत उठाने पहुंचे। आज यहां लोगों के रोजमर्रा का सामान गीला होकर खराब हो रहा है। खाने का सामान खत्म हो गया है।

उन्‍होंने कहा, सभी लोग छोटे-छोटे बच्चों के साथ पलायन करने को मजबूर हैं। वह अपना ठिकाना सड़कों पर या किसी सुरक्षित स्थानों पर बना रहे हैं, लेकिन प्रशासन और भाजपा सरकार जो बड़े-बड़े वायदे करती है शहर की जन समस्याओं को सुधारने में पूरी तरह फेल हो चुकी है। इस पर विश्वास करना ही गलत होगा, क्योंकि यह कहते कुछ हैं करते कुछ हैं।

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