Sapna Chaudhary Joins Congress

दि राइजिंग न्‍यूज

इंटरनेशनल डेस्‍क।

 

रविवार को आंतकी मसूद अजहर की मौत की अटकलें तेज हो गईं। कहा जा रहा था कि भारतीय वायु सेना द्वारा 26 फरवरी को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर किए गए हवाई हमले में अजहर भी मारा गया है। मगर, जैश ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया था। खुफिया सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की सेना ने अजहर को सेना के अस्पताल से रविवार शाम 7.30 बजे बहावलपुर के गथ घानी स्थित जैश कैंप में शिफ्ट कर दिया है।

जब अजहर को कैंप भेजा गया तो उसके कुछ समय बात ही आतंकी संगठन जैश ने एक बयान में इमरान खान सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। उसने सरकार पर भारत सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने झुकने का आरोप लगाया है। गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे अजहर का इलाज रावलपिंडी के सेना अस्पताल में कई महीनों से चल रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, जब जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 40 जवान शहीद हुए, उस वक्त अजहर की सुरक्षा के लिए 10 पाकिस्तान स्पेशल सर्विस ग्रुप कमांडो को तैनात किया गया था। 

जैश बोला- अल्लाह के दूतों ने हमारी रक्षा की

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को जैश ने एक बयान में कहा है कि अजहर जिंदा है और अच्छा कर रहा है। उसने यह भी स्वीकार किया कि भारतीय वायु सेना ने बालाकोट में उसके ठिकाने पर हमला किया था, लेकिन इससे उसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। जैश ने कहा है, भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने इजरायल की मिसाइल से हम पर हमला किया था लेकिन अल्लाह के दूतों ने हमारी रक्षा की।

इमरान सरकार पर जैश ने लगाए आरोप

जैश ने कहा कि इमरान खान सरकार पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की योजनाओं का अनुसरण कर रही है। बता दें जब अमेरिका में 9/11 हमला हुआ तो इसका विरोध पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति मुशर्रफ ने भी किया। जब इस बात का पता जैश को चला तो वो आग बबूला हो गया। उसने मुशर्रफ के इस्तीफे की मांग की। उसने इस्लामाबाद, मरी, तक्षशिला और बहावलपुर में भी हमले किए। इसके बाद 2003 में पाक सरकार ने आतंकी संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया।

इससे आतंकी मसूद अहजर और भी बौखला गया और उसने 14 दिसंबर और 25 दिसंबर, 2003 को दो बार मुशर्रफ के काफिले पर हमला किया। हमले में जो आरोपी थे उन्हें मुशर्रफ के कार्यकाल के दौरान ही फांसी भी दी गई। वहीं मसूद अजहर पर सख्ती कर उसे नजरबंद किया गया।

इमरान सरकार को लेकर जैश का बयान

इमरान खान सरकार को लेकर जैश ने अपने बयान में कहा, "पहले उन्होंने भारतीय पायलट को रिहा किया और अब उन्होंने हमारे मदरसों पर नकेल कसने का फैसला लिया है। वह अपने दुश्मन (भारत) की ओर काफी नरम बने हुए हैं और अपने ही लोगों (जैश) के प्रति सख्त हैं।" इस आतंकी संगठन का कहना है कि इसने अपने कैडरों को पलायन और नए संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा है।

रविवार को अजहर की मौत के अटकलें तेज हो गई थीं। एक अज्ञात ब्लॉग में ये दावा किया गया था कि जब भारत ने स्ट्राइक की तो अजहर बालाकोट कैंप में मौजूद था, वह और आइएसआइ के कर्नल सलीम गंभीर रूप से घायल हो गए। पोस्ट के मुताबित अजहर की शनिवार को मौत हो गई। वहीं, बाकी रिपोर्ट्स में ये कहा गया है कि भारतीय सुरक्षा बल द्वारा अपने भतीजे को मारे जाने के बाद अजहर आखिरी बार बालाकोट में अक्‍टूबर में था।

वहीं, बीते हफ्ते पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सीएनएन से कहा था कि उनकी जानकारी के मुताबिक, अजहर पाकिस्तान में है और काफी बीमार है। वह इतना बीमार है कि अपने घर से बाहर भी निकल नहीं पा रहा है।

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