Irrfan Khan Writes an Emotional Letter About His Health

दि राइजिंग न्यूज़

इंटरनेशनल डेस्क।

 

उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने कहा है कि वह देश को दुनिया का सबसे बड़ा एटमी पावर वाला देश बनाना चाहता है। वेपन्स और मिसाइल प्रोग्राम लॉन्च कर वह दुनिया को इसके संकेत दे चुका है। वहीं, नॉर्थ कोरियाई अफसरों के हवाले से यूएन एम्बेसडर ने बताया कि नॉर्थ कोरिया जंग नहीं चाहता, लेकिन अभी तक उन्हें बातचीत का कोई ठोस प्रपोजल नहीं मिला है। बता दें कि नॉर्थ कोरिया पूरे अमेरिका को जद में लाने वाली इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल का टेस्ट कर चुका है।

हम दुनिया में सबसे मजबूत

 

नॉर्थ कोरियाई न्यूज एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, मंगलवार को उन ने एक सेरेमनी में अपने लोगों से कहा, "हमारा देश अब किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार है। हम काफी एडवांस हो चुके हैं। हम दुनिया में सबसे मजबूत एटमी और मिलिट्री पावर साबित होंगे।''

 

उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन ने कहा कि हमें यकीन है कि नॉर्थ कोरिया को न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने के लिए दबाव बनाने में कामयाब रहेंगे। मैं लोगों से कई बार कह चुका हूं कि पहला बम गिराए जाने के पहले हम अपनी डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी रखेंगे। "लेकिन मैं अमेरिकी मिलिट्री से भी कहना चाहता हूं कि वे कोई मौका आ जाए तो उसके लिए तैयार रहें।''

नॉर्थ कोरिया को बातचीत का ऑफर नहीं

 

यूएन के पॉलिटिकल अफेयर्स चीफ जेफरी फेल्टमैन हाल ही में नॉर्थ कोरिया के दौरे पर गए थे। उन्होंने वहां नॉर्थ के फॉरेन मिनिस्टर री योंग हो समेत अन्य मिनिस्टर्स से भी बात की। 2011 के बाद यूएन के किसी बड़े अफसर का यह पहला नॉर्थ कोरिया दौरा था।

 

फेल्टमैन के मुताबिक, "नॉर्थ कोरियाई अफसर इस बात को मानते हैं कि जंग को रोका जाना जरूरी है। मेरी विजिट को नई शुरुआत के तौर पर देख सकते हैं। उन्होंने मेरी बातों को गंभीरता से सुना। ये भी कहा कि नॉर्थ कोरिया को अब तक बातचीत का कोई ठोस प्रपोजल नहीं मिला।'' "मुझे लगता है कि नॉर्थ कोरिया के साथ बातचीत की तैयारी करना चाहिए। इसमें यूएन भी मदद कर सकता है। इसी प्रॉसेस से रास्ते खुलेंगे।''

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