Neha Kakkar Reveald Her Emotional Connection with Indian Idol

दि राइजिंग न्यूज़

एंटरटेनमेंट डेस्क।

 

विवादित फिल्म पद्मावती के लिए आज बेहद ख़ास दिन है। यह विवाद आज संसद तक पहुँच गया। आज संजय लीला भंसाली और CBFC के चेयरमैन प्रसून जोशी को संसद की इन्फॉर्मेशन और टेक्नॉलजी कमेटी के सामने पेश होना है, जहां वो अपना पक्ष रख सकें। दूसरी तरफ लोकसभा की पेटीशन कमेटी के सामने भंसाली, इनफार्मेशन एंड ब्राडकास्टिंग मिनिस्ट्री और सेंसर बोर्ड पद्मावती विवाद पर अपनी राय बात रखेंगे। वहीं DU में रानी पद्मिनी के लिए लेक्चर रखे गए हैं।

11 बजे पिटीशन कमेटी के सामने सुनवाई

सबसे पहले बात करते हैं पद्मावती पर होने वाली सियासी सुनवाई की। निर्देशक भंसाली को सुबह 11 बजे संसद की पिटीशन कमेटी के सामने हाजिर होना है। स्टैंडिंग पिटीशन कमेटी ने आज CBFC और सूचना प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों को भी समन किया गया है, ताकि ये पता किया जा सके कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

 

3 बजे IT कमेटी पहुंचेंगे भंसाली और प्रसून जोशी

दोपहर 3 बजे भंसाली और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को संसद की इन्फॉर्मेशन और टेक्नॉलजी की स्टैंडिंग कमेटी के सामने पेश होना है। इस कमेटी की अध्यक्षता अनुराग ठाकुर करेंगे। जहां भंसाली फिल्म को लेकर अपना पक्ष रखेंगे। इस कमेटी में परेश रावल और राज बब्बर को भी शामिल किया गया है।

बता दें, 17 नवंबर को हुई कमेटी की बैठक में ये फैसला किया गया था कि फिल्म से जुड़ी चुनौतियों पर विचार करने के लिए इंडस्ट्री के लोगों को बुलाकर बात करनी चाहिए। पद्मावती विवाद के बाद जिस तरह फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने अपनी नाराजगी जताई थी। उसे देखते हुए कमिटी के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने तय किया सबसे पहले सबसे पहले डायरेक्टर भंसाली को बुलाया जाए।

पद्मावती पर DU में होंगे लेक्चर

जिस तरह से फिल्म पद्मावती पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लग रहे हैं। इसे देखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज में इस हफ्ते लेक्टर रखे गए हैं। इसका मकसद स्टूडेंट को रानी पद्मिनी से जुड़े फैक्चुअल तथ्यों से अवगत कराना है। यह चर्चा रानी पद्मिनी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रासंगिकता पर आधारित होगी। लेक्चर को RSS से जुड़े संगठन अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना (ABISY) के UGC मेंबर इंद्र मोहन, IGNOU प्रोफेसर कपिल कुमार, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक शिक्षक फ्रंट के महासचिव विरेंद्र सिंह द्वारा दिया जाएगा। हालांकि कॉलेज ने इस लेक्टर से खुद को अलग कर लिया है।

इस लेक्चर्स पर पैनल मेंबर वीरेंद्र सिंह ने कहा, रानी पद्मिनी को मिथक के रूप में खारिज किया जा रहा है। यह कहा जा रहा है कि रानी पद्मिनी के अस्तित्व को सिद्ध करने के लिए कोई ऐतिहासिक सबूत नहीं हैं। वे एक ऐतिहासिक फिगर हैं और यह ऐतिहासिक विशेषज्ञों और वरिष्ठ प्रोफेसरों द्वारा पढ़ाया जाएगा।

 

पद्मावती की रिलीज पर सस्पेंस

भंसाली की फिल्म ने राजनीतिक रंग पहले ही ले लिया था। गुजरात, राजस्थान, यूपी, एमपी और बिहार में फिल्म को बैन करने का ऐलान किया जा चुका है। 1 दिसंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म की रिलीज डेट पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि150 करोड़ के बड़े बजट की फिल्म पद्मावती रिलीज भी होगी या विरोध की आग में जल जाएगी।

संसद से सड़क तक प्रदर्शन

पद्मावती को लेकर संसद से लेकर सड़कों पर संग्राम जारी है। देशभर में फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। फिल्म की स्टारकास्ट के पुतले जलाए जा रहे हैं, पोस्टर फाड़े जा रहे हैं। एक्टर्स और डायरेक्टर्स को जान से मारने की धमकी मिल रही है। दीपिका पादुकोण की नाक और भंसाली का सिर काटने की धमकी से माहौल गरमा गया है। तनाव के बीच फिल्म का प्रमोशन भी बंद कर दिया गया है।

 

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