Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्यूज़

एंटरटेनमेंट डेस्क।

संजय दत्त की फिल्म “नाम” का गाना “चिट्ठी आई है...” तो आपको याद होगा। साल 1986 में आई इस फिल्म के गाने को आज 32 साल बाद भी जब पंकज उदास गाते हैं तो आंखें नम हो जाती हैं। पंकज उदास का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के जेतपुर में हुआ था। उदास का पूरा परिवार संगीत से जुड़ा हुआ है। इनके बड़े भाई भाई मनहर उदास ने बॉलीवुड में हिंदी पार्श्व गायक के रूप में कुछ सफलता प्राप्त की थी, तो दूसरे बड़े भाई निर्मल उदास भी एक प्रसिद्ध गज़ल गायक हैं और तीनों भाइयों में से सबसे पहले गायिकी का काम उन्होंने ही शुरू किया था।

संगीत प्रेमी परिवार में जन्म लेने वाले पंकज सर बीपीटीआई भावनगर से शिक्षा प्राप्त की और उसके बाद परिवार के साथ मुंबई शिफ्ट हो गए। पहली बार ही स्वर में बयां किया देशवासियों का दर्द मायानगरी आकर इन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ाई की। जहां पर उनके बड़े भाई मनहर एक स्टेज आर्टिस्ट थे, जिन्होंने पंकज को पहली बार स्टेज पर गाने का मौका दिया।

शो के दौरान किसी को पता न था कि पहली बार सो करने वाले पंकज की आवाज का जादू छाएगा कि आंखों से आंसू निकल पड़ेंगे। दो देशों के बीच दर्द की दास्तां उन्होंने अपनी आवाज के दर्द में बखूबी व्यक्त किया था। इस शो के बाद उन्होंने नाट्य अकादमी में अध्यन शुरु किया और तबला बजाने की कला को सीखा। अपने शिक्षण के दौरान ही उन्होंने अपने संगीत को भी जारी रखा।

पंकज उदास की गज़लें

गीत: चिट्टी आई है

 

 

गीत: चांदी जैसा रंग

 

गीत: दिल देता है रो रो दुहाई

 

गीत: और आहिस्ता कीजिये बातें

 

गीत: एक तरफ उसका घर एक तरफ मयकदा

 

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