Home Entertainment News Actress Alia Bhatt Acting Quite Experiencing In Raazi

पाकिस्तान ने ईद की छुट्टियों के दौरान भारतीय फिल्मों के प्रसारण पर रोक लगाई

मुजफ्फरनगरः दूध पिलाती मां और बेटी को सांप ने काटा, दोनों की मौत

कर्नाटकः विधानसभा पहुंचे प्रोटेम स्पीकर

कर्नाटकः पुलिस कमिश्नर भी विधानसभा पहुंचे, अंदर भारी सुरक्षा व्यवस्था

कनाडाः भारतीय रेस्तरां में धमाका, CCTV फुटेज में दिखे 2 संदिग्ध

Review- रोंगटे खड़े कर देगी “राज़ी”

Entertainment | Last Updated : May 11, 2018 02:23 PM IST

Actress Alia Bhatt Acting Quite Experiencing in Raazi


दि राइजिंग न्‍यूज

एंटरटेनमेंट डेस्‍क।

 

वैसे तो बॉलीवुड में आपने कई जासूसी फिल्‍में देखी होंगी, लेकिन राजी की बात और है। मेघना गुल्जार की डायरेक्टोरियल इसलिए अलग है क्योंकि इसमें एक महिला किरदार है, जो कमजोर तो पड़ती है लेकिन जब मातृभूमि की बात आती है तो हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहती है।

 

सहमत (आलिया भट्ट), एक कश्‍मीर की रहने वाली लड़की है जो दिल्ली में पढ़ाई करती है। अचानक वो कश्मीर वापस लौटती है क्योंकि उसके पिता हिदायत खान (रजित कपूर) बीमार हैं और उनके पास दिन बहुत कम हैं। हिदायत भारतीय खुफिया के एजेंट हैं और वे अब अपनी बेटी समहत को भी बॉर्डर पार से खुफिया जानकारी लाने के काम में लगाना चाहते हैं।
 

ये समय है 1970 का जब भारत और पड़ोसी देश पाकिस्तान लड़ाई की कगार पर है। हिदायत भारतीय खुफिया एजेंसी की आंख और कान बनने के लिए किसी लायक इंसान को चाहते हैं और इसके लिए उनकी बेटी सहमत से बेहतर कोई नहीं हो सकता। वे सहमत की शादी पाकिस्तानी सेना अधिकारी के बेटे इक़बाल (विक्की कौशल) से करवा देते हैं। इन दोनों की शादी आसानी से हो जाती है क्योंकि सहमत के पिता हिदायत और इकबाल के पिता ब्रिगेडियर सैयद (शिशिर शर्मा) काफी अच्छे दोस्त हैं।

 

शादी से पहले, सहमत को भारतीय खुफिया एजेंसी के एजेंट खालिद मीर (जयदीप अहलावतत) द्वारा जबरदस्त ट्रेनिंग दी जाती है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के की स्टूडेंट के बाद सहमत खुद को पाकिस्तान आर्मी के घराने की छोटी बहू के रूप में पाती है। वो खुद को एक पत्नी और ट्रेन किए गए एजेंट के तौर पर बैलेंस करती रहती है। जल्द ही सहमत किसी तरह रिश्ते बनाती हैं और अपने ससुराल में घुसपैठ की जगहें खोज निकालती है।

खतरे की तलवार सहमत पर बराबर लटकी ही रहती है। अब देखने वाली चीज़ ये है कि एक हिंदुस्‍तानी देशभक्‍त पाकिस्‍तान जाकर सबकी नज़रों से बचकर कैसे अपना मिशन पूरा करती है।  राज़ी को शानदार बनती है इस फिल्म के तनाव वाले सीन, जो आपको स्क्रीन से आंख भी झपकाने की इजाज़त नहीं देंगे। इस फिल्म में डायरेक्टर मेघना गुल्जार ने इतनी बारीकी से काम किया है कि ऑडिएंस के अंदर भी देशभक्ति जग जाएगी।

 

मेघना ने ऑडिएंस को लुभाने या फंसाने के बजाए बड़ी चतुराई से हरिंदर सिक्का की नॉवेल कॉलिंग सहमत का नाटकीय वर्जन पेश किया है। फिल्म मेकर ने जरूरत से ज्यादा फिल्म को रोमैंटिक नहीं बनाया है। फिल्म जिस तरह से प्लॉट की परते खुलती हैं वो सबसे शानदार है।

वहीं दूसरी तरफ फिल्म को सही से ऑडिएंस तक पहुंचाने के चक्कर में कई बार मेकर्स ने इसे थोड़ी उबाऊ और धीमी रफ्तार देदी है। परफॉर्मेंस में तो ये आलिया भट्ट की एक और दिल जीत लेने वाली फिल्म है। आलिया भट्ट ने बारीकी से गढ़ा हुआ किरदार निभाया है, जो कि बिल्कुल आसान नहीं है।

 

जब बात वतन के लिए फर्ज की आती है तो यही लड़की किसी को भी मिटाने के लिए तैयार हो जाती है। चालाकी से काम भी निकाल लेती है। राज़ी जाहिर तौर पर आलिया भट्ट के करियर की सबसे शानदार फिल्म साबित होती है।



" जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555 "


Loading...


Flicker News

Loading...

Most read news


Most read news


rising@8AM


Loading...