Ali Asgar Faced Molestation in The Getup of Dadi

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

गुजरात विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार तीन तलाक पर बड़ा फैसला ले सकती है। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि शुक्रवार को तीन तलाक को संज्ञेय में रखते हुए गैर-जमानती अपराध बनाने वाले बिल को कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है। इस बिल में तीन तलाक देने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद संसद के शीतकालीन सत्र में इसे पेश किया जाएगा।

 

गौरतलब है कि सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक तीन तलाक खत्म करने के लिए सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में कानून लाएगी। सरकार “द मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स इन मैरिज एक्ट” नाम से इस विधेयक को लाएगी। ये कानून सिर्फ तीन तलाक तलाक-ए-बिद्दत पर ही लागू होगा। इस कानून के बाद कोई भी मुस्लिम पति अगर पत्नी को तीन तलाक देगा तो वो गैर-कानूनी होगा।

इसके बाद से किसी भी स्वरूप में दिया गया तीन तलाक वह चाहें मौखिक हो, लिखित और या मैसेज में, वह अवैध होगा। जो भी तीन तलाक देगा, उसको तीन साल की सजा और जुर्माना हो सकता है। यानि तीन तलाक देना गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध होगा। इसमें मजिस्ट्रेट तय करेगा कि कितना जुर्माना होगा।

 

पीएम नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए एक मंत्री समूह बनाया था, जिसमें राजनाथ सिंह, अरुण जेटली,  सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद, पीपी चौधरी और जितेंद्र सिंह शामिल थे।

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