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दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

आरबीआइ के द्वारा जारी किए गए डाटा के अनुसार देश के 64 बैंकों में करीब 11 हजार 300 करोड़ रुपये जमा हैं। मगर इन पर दावा करने वाला कोई भी नहीं है। बिन दावेदारी वाले खातों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सबसे आगे हैं। एसबीआइ में 1262 करोड़ रुपये, पीएनबी 1250 करोड़ रुपये निष्क्रिय खातों में पड़े हैं। इसके अलावा सरकारी बैंकों में 7,040 करोड़ रुपये बिना दावेदारी के हैं।

आरबीआइ के डाटा के मुताबिक, सात प्राइवेट बैंकों ऐक्सिस, आइसीआइसीआइ, एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा, डीसीबी, इंडसइंड, और यस बैंक के पास ऐसी करीब 824 करोड़ रुपये की राशि जमा है। वहीं 12 अन्य प्राइवेट बैंकों के पास 592 करोड़ रुपये जमा हैं। इस तरह से सभी प्राइवेट बैंकों में 1,416 करोड़ रुपयों का कोई दावेदार नहीं है।

पूर्व आरबीआइ चेयर प्रोफेसर चरण सिंह के मुताबिक ज्यादातर राशि ऐसे अकाउंट होल्डर्स की है जिनका निधन हो चुका है या फिर उनके पास कई अकाउंट हैं और अपने खाते के बारे में अवगत नहीं है। उन्होंने बताया कि बैंकिग रेग्युलेशन एक्ट के अनुसार हर कैलेंडर इयर के खत्म होने के 30 दिनों के भीतर आरबीआइ को ऐसे खातों के बारे में जानकारी देनी होती है, जिनका इस्तेमाल पिछले कई सालों से नहीं किया जा रहा है।

बिन दावेदारी वाले खातों की राशि को डिपॉजिटर ऐजुकेशन ऐंज अवेयरनेस फंड में डाल दिया जाता है। हालांकि खाताधारक अपनी राशि पर 10 साल बाद भी दावा कर सकता है। बैंक इस रकम को वापस करने के लिए बाध्य है। 

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