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'नोटबंदी: कितना सफल कितना फेल?'
कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक यानी नोटबंदी को तीस दिसंबर को पचास दिन से दो दिन ज्यादा यानी 52 दिन हो गए। इन 52 दिनों में नोटबंदी का असर हर तरफ देखने को मिला। चौका-चूल्हा करने वाली गृहणियों से लेकर दफ्तर में काम करने वाले अधिकारी तक नोटबंद से प्रभावित हुए। अपने खाते से ही पैसा निकालने के लिए लोगों को घंटों लाइन तक लगानी पड़ी लेकिन अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इतनी परेशानी झेलने के बाद अब पचास दिन के बाद हमने लोगों से यह जानने की कोशिश की कि आखिर इस नोटबंदी से वह कितना सहमत है। हमने प्रयास किया कि हर आयु वर्ग के लोगों से उनकी राय ली जा सकी कि आखिर वह नोटबंदी को सफल मानते हैं या असफल।

मधु
गृहणी

मैं नोटबंदी के फैसले से बहुत खुश हूं। मैं इस कदम को सही करार देती हूं। इस फैसले केवल वे परेशान हैं जिनके पास कालाधन है।

देवी कुमारी
सरकारी नौकरी

मैं नोटबंदी को एक सही कदम मानती हूं। मेरे मुताबिक इस फैसले से ईमानदार लोग खुश हैं। यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था।

ऐश्वर्या
छात्रा

मैं नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री का समर्थन करती हूं। मेरे मुताबिक अब दिक्कत नहीं है। एटीएम व बैंक से आसानी से पैसा मिल रहा है।

निशा
छात्रा

मैं नोटबंदी को देशहित में मानती हूं। इतने बड़े फैसले में सभी लोगों को सरकार का सहयोग करना चाहिए न कि विरोध।

कमल
नौकरीपेशा

मेरे मुताबिक नोटबंदी की तैयारी ठीक नहीं थी। पहले से लोगों को जानकारी भी नहीं थी औऱ तैयारी भी नहीं थी। इस काऱण से अभी तक लोग परेशान हैं।

रूपाली, अध्‍यापिका
सिटी कान्वेंट स्कूल

नोटबंदी के कारण मुझे एक महीने वेतन भी नहीं मिला, उसके बाद भी मैं कहना चाहती हूं कि यह फैसला सराहनीय है।

अनीता
गृहणी

नोटबंदी का फैसला बिल्कुल सही है। सरकार को इसी तरह से शराब पर भी पाबंदी लगा देनी चाहिए। अब अच्छे दिन आए हैं।

इला मिश्रा
नौकरीपेशा

प्रधानमंत्री का ये फैसला सही है। मेरे मुताबिक इससे हर ईमानदार नागरिक खुश है, भले ही उसे कुछ दिन लाइन में लगना पड़ा।

वानिका
गृहणी

मेरे मुताबिक नोटबंदी केवल उनके लिए खराब थी जिनके पास काला धन था। वर्ना जिनके पास जरूरत भर का पैसा है, उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई।

छाया
गृहणी

सरकार के इस फैसले की वजह से एक महीने से अपनी पेशंन नहीं निकाल पा रही हूं। बैंकों में इतनी भीड़ होती है कि वहां जाने की हिम्मनत ही नहीं पड़ती है।

वंदना
गृहणी

मेरे मुताबिक नोटबंदी से घर के सारे कामकाज प्रभावित हो गए। सरकार के इस फैसले से घर में रखे सारे पैसे खत्म हो गए। बैंक में लगी लंबी लाइन के कारण वहां से पैसा निकालना भी बेहद दिक्कत तलब था।

मंजली
गृहणी

मेरे मुताबिक नोटबंदी के विरोधी वे हैं जिनके पास काला धन है। ईमानदार लोग इस फैसले से बहुत खुश हैं।

रिंकू
नौकरीपेशा

मैं नोटबंदी से बिलकुल भी खुश नहीं हूं। प्रधानमंत्री मोदी जी का फैसला गलत है। कितने लोगों ने पैसा निकालने के लिए लगी लाइनों में अपनी जान गवां दी।

सुनीता
गृहणी

मैं इस नोटबंदी के फैसले को ऐतिहासिक करार देती हूं। यह एक बोल्ड व देशहित में लिया गया निर्णय है।

तेजपाल
मजदूर

मेरे मुताबिक इस फैसले का रोज खाने कमाने वालों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा। इससे वहीं लोग परेशान थे जिनके पास कालाधन है।

ऋषि
मजदूर

मेरे मुताबिक सरकार के इस फैसले से गरीब व मेहनतकश मजदूर पिस गए। कई कई दिन मजदूरों को फांके काटने पड़ रहे हैं।

मनोज
नौकरीपेशा

मेरे मुताबिक नोटबंदी के कारण ईमादार लोग खुश हैं और कालाधन रखने वाले परेशान। लेकिन इस लड़ाई मे पिस केवल वे लोग रहे हैं जो गरीब हैं और उनके पास बैंक खाते नहीं है।

बसंती लाल
मजदूर

मैं नोटबंदी से बहुत आहत हूं। मुझे समय से पैसा न मिलने पर बेटी की शादी को आगे बढ़वाना पड़ा।

देवाशीष
निजी संस्थान में नौकरी

नई करेंसी न होने के कारण हजारों कर्मियों को वेतन नहीं मिला। मिला तो पुराने नोट मिल गए। यानी उन्हें बिना कुछ किए ही दिक्कतें झेलनी पड़ी।

एके पटेल
चपरासी

मैं सरकार के इस फैसले को बिल्कुील सही मानता हूं। मेरे मुताबिक इस फैसले ने गलत व बेईमान लोगों की नींद उड़ा रखी है।

विजय मौर्या
चाय स्टाल चलाने वाले

मेरे मुताबिक कालाधन जमा करने वाले ही इस फैसले से परेशान थे। शुरू में थोड़ी परेशानी जरूर हुई लेकिन फैसला बहुत अच्छा है।

अजीत कुमार
नौकरीपेशा

मेरे मुताबिक नोटबंदी से कोई ज्याेदा परेशानी नहीं हुई। अब तो अधिसंख्य स्थानों पर पेटीएम या कार्ड सुविधा मिल रही है।

जगदेव प्रसाद शर्मा
कॉरपेंटर

हजार-पांच सौ के पुराने नोट बंद होने का निर्णय सही रहा। हालांकि कुछ दिन समस्याप भले थी लेकिन जो हुआ अच्छा हुआ। अभी मैंने एटीएम से रुपये निकाने हैं सबकुछ ठीक है।

रियासत
पटरी दुकानदार

हमारे दुकान की बिक्री में काफी असर हुआ है। हजारों की बिक्री रोज होती थी लेकिन अब सैकड़ों में हो गई। इसके बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का कदम सराहनीय है। मैं नोटबंदी का समर्थन करता हूं।

वैभव शर्मा, छात्र
सरोज इंस्टीट्यूट

मैं नोटबंदी का समर्थन करता हूं। अगर लोगों की जानकारी में यह कदम उठाया जाता तो कालाधन ठिकाने लगा दिया जाता।

जय कुमार यादव
विद्यार्थी

हजार-पांच सौ के नोटों को बंद करना बिल्कु ल सही है। इससे काला धन रखने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। यदि यहं निर्णय पहले लिया गया होता तो शायद देश को और भी बेहतर परिणाम दिखते।

आलोक पांडे
अध्याापक

केंद्र सरकार का निर्णय बेहद शानदार है। इससे ना मुझे कोई दिक्कहत है और ना ही आम आदमी को कोई समस्याा है। सारी समस्या नेताओं को है वहीं उछल-कूद मचाए हुए हैं।

संदीप कुमार गुप्ता
पटरी दुकानदार

मैं पान की दुकान चलाता हूं। नोटबंदी जब हुई थी तब बहुत दिक्कत हुई। अब मैं पेटीएम से भुगतान लेता हूं। जहां लोगों को सहूलियत हुई तो मुझे भी लाभ मिला। प्रधानमंत्री का निर्णय प्रसंशनीय है। मैं इसका समर्थन करता हूं।

केदार यादव
दुकानदार

निर्णय तो सही है ना जाने नेता इसका विरोध क्यों कर रहे हैं। शुरू में तो हर जगह थोड़ी-बहुत दिक्कलत होती है लेकिन मुझे लगता है इतना तो सहन करना पड़ेगा।

नंद किशोर, शोध छात्र
लविवि

मेरे अनुसार नोटबंदी का कदम ठीक नहीं है। जिन मुद्दों को लेकर नोटबंदी की गई थी उनसे सरकार को आपेक्षित परिणाम नही मिल रहे हैं। इसलिए इसे कैशलेश से जोड़ा जाने लगा।

विनीत गुप्ता
व्यवसायी

आठ नवंबर को नोट बंदी के बाद मेरे व्य‍वसाय में काफी असर पड़ा। मुझे बहुत सी कठिनाइयां भी हुई इसके बाद भी मैं नोटबंदी को सही मानता हूं। इसका लाभ हमें ही मिलेगा भले ही थोड़े दिन बाद सही।

संजीव कुमार
मुख्य आरक्षी यातायात

मैं नोटबंदी का समर्थन करता हूं। गांव में दिक्कते हैं यदि वहां पर भी सरकार थोड़ा ध्यान दे दे तो और भी बेहतर हो जाए। पुराने नोटों की बंद करने से ब्लैवक मनी वालों की हालत पतली है उन्हें अब कुछ सूझ नहीं रहा।

सोबरन लाल
होमगार्ड

गांव में दिक्कत है अभी भी बैंक मैनेजर रुपये देने में सौ कहानियां सुनाते हैं। खेती-बाड़ी में काफी खर्च होता है उसके लिए रुपया चाहिए लेकिन नहीं मिल पा रहा है।

सचिवेंद्र सिंह
इंजीनियर

नोटबंदी का निर्णय बिल्कुिल गलत है। इससे हम जैसे लोगों को बहुत दिक्कबत हो रही है। गांव में बहुत समस्याैएं हैं। मैं बीमार था दवाओं के लिए रुपये होने के बाद भी अपना इलाज नहीं करवा पा रहा हूं।

आशाराम
शोध छात्र, लविवि

सरकार का यह कदम अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए है। मैं नोट बंदी को सही नहीं मानता। इससे कोई लाभ नहीं मिला उल्टे हमसब को समस्यािओं से जूझना पड़ रहा है।

अभिषेक कुमार
ड्राइवर

मैं गाड़ी चलाता हूं। बहुत से लोगों से मिलना जुलना होता है किसी को कोई दिक्कमत नहीं है। नोटबंदी के परिणाम कुछ दिन बाद देखने को मिलेगें। मुझे प्रधानमंत्री के निर्णय से कोई समस्या‍ नहीं है।

सुरेंद्र
छात्र

डॉलर और रियल स्टेकट में पुराने नोटें बदल ली गईं तो नोट बंदी का क्याम लाभ। सबकुछ धुलकर नया हो गया। पुरानी करेंसी नई करेंसी में बदल गई इसलिए मैं नोट बंदी के खिलाफ हूं।

श्यामबाबू विश्वकर्मा
मजदूर

हम रोज कमाते हैं रोज खाते हैं। मुझे अभी तक कोई दिक्क-त नहीं हुई है। सबकुछ ठीक-ठाक है जो भी विरोध है वह सब बड़े स्तर पर है। जिनके पास नंबर दो का रुपया है वही परेशान हो रहे हैं।

संजय
दुकानदार

नोटबंदी से हमारा हजारों रुपये का उधार डूब गया। ग्राहकों ने रुपया तो लौटाया नहीं उल्टां दुकान में आना भी छोड़ दिया। लेकिन आम आदमी के रुप में मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री का यह निर्णय सही है।

सलीम
सब्जी विक्रेता

हजार-पांच सौ रुपये के पुराने नोट बंद करना अच्छाी है। हमारी दुकानदारी में नुकसान हुआ है लेकिन फैसला सहीं हुआ है। महंगाई गिरेगी तो सभी को सस्ताो सामान भी मिलेगा।

विकास साहू
कपड़ा व्यापारी

बिल्कुल सही निर्णय। जिस दिन से नोटबंदी हुई है तभी से मैं इसका समर्थन कर रहा हूं। अच्छे काम में अक्सर कुछ लोगों को दिक्क्तें होती हैं जो विरोध कर रहे है यहस वहीं लोग हैं।

हिमांशु सिंह
शोध छात्र

हजार-पांच सौ रुपये की पुरानी नोटें बंद होने से नेताओं से लेकर बड़े व्यवसायियों पर हड़कंप मचा हुआ है। मैं इस बंदी का समर्थन करता हूं। आने वाले दिनों में यह निर्णय अर्थव्यकवस्थाव के लिए बेहतर साबित होगा।

प्रेम
फल व्यवसायी

हम तो छोटे दुकानदार हैं पूरा खर्च इसी दुकान से चलता है। नोटबंदी हुई तो लगा सबकुछ बिगड़ गया। धीरे-धीरे हालात सामान्यक हुए हैं। पुराने हजार-पांच सौ रुपये के नोट बंद करना सही निर्णय है।

राजन
छात्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरानी करेंसी बंद की है। इसका असर पचास दिन में देखने को नहीं मिलेगा। अभी तो पौधा लगाया गया है थोड़ा ठहरिए पेड़ बनने दीजिए फिर इसकी छांव का मजा भी मिलेगा।

लकी
पटरी दुकानदार

काला धन के लिए हजार-पांच सौ के नोट बंद किए गए हैं। हमें कोई दिक्कलत नही है। जिनके पास काला धन हो चिंता तो उन्हें करनी चाहिए।

राजकरण
यातायात सिपाही

नोटबंदी का सबसे खतरनाक स्थिति से मैं गुजरा हूं। सात नवंबर से ही मेरे चार वर्षीय बेटे की तबियत बहुत खराब थी। पुराने नोटों के कारण उसका इलाज नहीं हो पा रहा था। बावजूद इसके मैं प्रधानमंत्री के नोटबंदी वाले निर्णय से सहमत हूं।

दिनेश कुमार गर्ग
सरकारी कर्मचारी

नोटबंदी निर्णय बेहतर है। ऐसा सुनने को मिलता रहा है कि कुछ लोगों ने पुरानी करेंसी से अपनी तिजोरियां भरी थी। अब यह काला धन निकल रहा है।

रामेंद्र
छात्र

हमलोग पढ़ने-लिखने वाले हैं। हमें नोटबंदी से कोई दिक्कात नहीं है। जो भी हुआ अच्छाि हुआ। काली कमाई वाले बहुत परेशान दिख रहे हैं। उन्हें अपने नोट बर्बाद होते जान पड़ रहे हैं।

अभिषेक
चिकित्सक

मेरे मुताबिक सरकार के इस फैसले से देश डिजिटल तकनीकी की ओर बढ़ेगा। इससे सुधार आएगा और आने वाले दिनों में हमें फायदा मिलेगा।

हिमांशु चौबे
मैनेजमेंट स्टूडेंट

मैं नोटबंदी के फैसले से बहुत खुश हूं। मैं इस कदम को सही करार देता हूं। इस फैसले से केवल वे परेशान हैं जिनके पास कालाधन है।

हमने अपने सर्वे में राजधानी के कपूरथला,हजरतगंज, ठाकुरगंज, चौक, निशातगंज और इंदिरानगर आदि क्षेत्रों में लोगों की राय जानी। पचास से ज्यादा लोगों की राय ली गई। इसमें पुलिसकर्मियों से लेकर दिहाड़ी मजदूर तक शामिल किए गए। इसमें करीब दर्जन भर लोग सरकार के इस फैसले से असहमत दिखे। यानी करीब बीस फीसद लोग नोटबंदी को सही कदम नहीं मानते हैं। इसके लिए उनके अपने तर्क भी हैं। मगर तमाम परेशानी, लंबी लाइन और दिक्कतों के बाद भी अस्सी फीसद लोग प्रधानमंत्री के फैसले के साथ दिखते हैं। यानी नोटबंदी पर हमारे सर्वे में जनता सरकार के साथ ही नजर आती है।
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