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Campus Corner Kanpur | 6-Dec-2016 03:57:20 PM
कानपुर यूनिवर्सिटी में बरसा “सोना-चांदी”

  • छत्रपति शाहूजी महाराज विश्‍वविद्यालय का 31वां दीक्षांत समारोह मनाया गया
  • मौसम की गड़बड़ी से नहीं आ पाए राज्‍यपाल, 1345 उपाधियां वितरित की गईं


 

 

दि राइजिंग न्‍यूज

06 दिसंबर, कानपुर।

धुंध और कोहरे के साथ बढ़ी कड़ाके की ठंड में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्‍वविद्यालय कानपुर ने अपने स्‍वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश का पहला और कुल  31वां दीक्षांत समारोह मनाया। हालांकि ठंड के चलते समारोह  की रौनक कुछ फीकी रही। कोहरे की वजह से समारोह के मुख्‍य अतिथि कुलाधिपति राज्‍यपाल राम नाईक दीक्षांत समारोह में नहीं आ पाए। उनकी अनुपस्थिति में कुलपति जे वी वैशम्‍पायन ने मेधावियों को पदक प्रदान किये।

सीएसजेएमयू का 31वां दीक्षांत समारोह यूनिवर्सिटी परिसर में मंगलवार को मनाया गया। कुलाधिपति की अनुपस्थिति में समारोह की शुरुआत कुलपति जे वी वैशम्‍पायन ने दीप प्रज्‍जवलित करके की। उन्‍होंने प्रगति आख्‍या प्रस्‍तुत की। अपने संबोधन में उन्‍होंने कहा कि विश्‍वविद्यालय तकनीक और शिक्षा के पथ पर लगातार अग्रसर है। उन्‍होंने कहा कि विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना 1966 में की गई थी। यह उसका स्‍वर्ण जयंती वर्ष है। इसमें दीक्षांत की गरिमा अपने आप बढ़ जाती है। विश्‍वविद्यालय अपने आदर्श वाक्‍य अरोह तमसो ज्‍योति के अवलोक में ही नित आगे बढ़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि लगभग दर्जन भर जिलों में 1250 के लगभग कॉलेजों के साथ 12 लाख संस्‍थागत और 1 लाख विद्याथियों का विशाल परिवार विश्‍वविद्यालय की उपलब्धि है।

उन्‍होंने कहा कि विश्‍वविद्यालय कैंपस का लगातार विस्‍तार किया गया है। आज आईआईटी के स्‍तर की सुविधाएं कैंपस में उपलब्‍ध हैं। इसके साथ ही रोजगारोन्‍मुख पाठ्यक्रमों का संचालन, शिक्षा में पारदर्शिता, उपस्थिति की मॉनीटरिंग के साथ शिक्षा को लगातार बढ़ाया जा रहा है।

इसके बाद उपाधियों के वितरण में पीएचडी में कुल 101 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी गई। जिसमें सबसे ज्‍यादा कला संकाय, विज्ञान में 16, वाणिज्‍य में 8,षि में 4, शिक्षा प्रशिक्षण में 7, लाइफ सांइस में 3 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी गई। विश्‍वविद्यालय के विभिन्‍न पाठ्यक्रमों और स्‍नातक-परास्‍नातक में कुल 1244 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी गई।

कुलाधिपति स्‍वर्ण पदक डीजी कॉलेज की परास्‍नातक संगीत विभाग की छात्रा श्रुति मिश्रा को दिया गया। श्रुति ने 88.4 अंकों के साथ ही रजत पदक पर भी कब्‍जा जमाया। विश्‍वविद्यालय की सर्वश्रेष्‍ठ छात्रा के लिए भी श्रुति को ही चयनित किया गया। अलग-अलग मानकों के लिए श्रुति को कुल छह पदक मिले। दीक्षांत समारोह के इतिहास में एक साथ इतने पदक जीतने वाली श्रुति के चेहरे की चमक देखते ही बनती थी। कुलपति स्‍वर्ण पदक भी श्रुति के नाम ही रहा।

दीक्षांत समारोह में विधायक सतीश निगम, कुलसचिव सैयद वकार हुसैन, विद्यानंद त्रिपाठी, राजबहादुर यादव,  कूटा नेता विवेक द्विवेदी समे‍त यूनिवर्सिटी से संबंधित सभी कॉलेजों के प्राचार्य और बुद्धिजीवियों समेत विश्‍वविद्यालय की छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

इन्‍हें मिले पदक

कुलाधिपति स्‍वर्ण पदक -  श्रुति मिश्रा, डी जी कॉलेज

कुलाधिपति रजत पदक -  श्रुति मिश्रा, डी जी कॉलेज

कुलाधिपति रजत पदक (सर्वश्रेष्‍ठ छात्रा के लिए)  -  श्रुति मिश्रा, डी जी कॉलेज

 

कुलाधिपति कांस्‍य पदक (बीए)

कल्‍पना चौधरी,  बाबू जयशंकर प्रसाद कॉलेज, सुमेरपुर उन्‍नाव

अनुज कुमार वर्मा – डीएवी कॉलेज

कौशिकी द्विवेदी – एसएनसेन गर्ल्‍स कॉलेज

अभय प्रकाश  - बाबू जयशंकर प्रसाद कॉलेज, सुमेरपुर उन्‍नाव

अनन्‍य सिंह - बाबू जयशंकर प्रसाद कॉलेज, सुमेरपुर उन्‍नाव

आकांक्षा दीक्षित - बाबू जयशंकर प्रसाद कॉलेज, सुमेरपुर उन्‍नाव

 

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