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Kids World | 9-Aug-2016 11:47:31 AM
बच्‍चों का दुश्‍मन है डेंजरस डेंगू

  • तीन से पांच दिन में दिखते हैं लक्षण
  • बुखार में न लें एस्प्रिन, डिस्प्रिन केवल पैरासिटामाल ही इलाज

 

 

दि राइजिंग न्‍यूज ब्‍यूरो

मच्‍छरों से फैलने वाली जानलेवा बीमारी डेंगू से इन दिनों ज्‍यादा खतरा बच्‍चों को है। बच्‍चों का बेपरवाह होकर खुले मैदान में खेलना, बगैर किसी चिंता के जहां-तहां सो जाना, फुल आस्‍तीन की शर्ट या फुल पैंट पहनने से कन्‍नी काटना...और स्‍कूल जाने के बाद तो मां-बाप की नजरों से दूर मनमर्जी करना कभी-कभी भारी भी पड़ सकता है। असल में खुले मैदान में कहीं कई दिनों से अगर पानी जमा हो तो वहां डेंगू के मच्‍छर पनप सकते हैं। ऐसे ही कपड़े ठीक तरीके से न पहनने के कारण बच्‍चों के शरीर को मच्‍छर निशाना बना सकते हैं। रही बात स्‍कूल की तो यहां वाटर कूलर के इर्द-गिर्द जमा पानी में डेंगू मच्‍छर तेजी से पनपते हैं।  


बच्चों में जल्दी गिरते हैं प्लेटलेट्स

हकीकत यह है कि बच्चों का इम्यून सिस्टम ज्यादा कमजोर होता है। वे खुले में ज्यादा रहते हैं इसलिए उनके प्रति सचेत होने की ज्यादा जरूरत है। ऐसे में पैरंट्स को यह ध्यान देने की जरुरत है कि बच्चे घर से बाहर पूरे कपड़े पहनकर जाएं और ध्‍यान रखें कि जहां खेलते हों, वहां आसपास गंदा पानी न जमा हो।


स्कूल प्रशासन को भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि  स्कूलों में मच्छर न पनप पाएं। बहुत छोटे बच्चे खुलकर बीमारी के बारे में बता भी नहीं पाते इसलिए अगर बच्चा बहुत ज्यादा रो रहा हो, लगातार सोए जा रहा हो, बेचैन हो, उसे तेज बुखार हो, शरीर पर रैशेज हों, उलटी हो या इनमें से कोई भी लक्षण हो तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं। अगर बच्चे में डेंगू के लक्षण हों तो उन्हें अस्पताल में रखकर ही इलाज कराना चाहिए क्योंकि बच्चों में प्लेटलेट्स जल्दी गिरते हैं और उनमें डीहाइड्रेशन यानि पानी की कमी भी जल्दी होती है।


लक्षण दिखने पर कराएं यह टेस्‍ट

डेंगू मच्‍छर के काटे जाने के करीब तीन से पांच दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं। शरीर में बीमारी पनपने की मियाद तीन से 10 दिनों की भी हो सकती है। डेंगू की जांच के लिए शुरुआत में एंटीजन ब्लड टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट में डेंगू शुरू में ज्यादा पॉजिटिव आता है, जबकि बाद में धीरे-धीरे पॉजिविटी कम होने लगती है। यह टेस्ट करीब 1000 से 1500 रुपये में होता है। अगर तीन-चार दिन के बाद टेस्ट कराते हैं तो एंटीबॉडी टेस्ट (डेंगू सिरॉलजी) कराना बेहतर है। इसके लिए 600 से 1500 रुपये लिए जाते हैं।


कैसे हो इसका इलाज-

अगर मरीज को साधारण डेंगू बुखार है तो उसका इलाज व देखभाल घर पर की जा सकती है। डॉक्टर की सलाह लेकर पैरासिटामॉल (क्रोसिन) आदि ले सकते हैं। एक बात का ध्‍यान रखें कि ऐसे बुखार में एस्प्रिन, डिस्प्रिन आदि बिल्कुल न लें। इनसे प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं। अगर बुखार 102 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा है तो मरीज के शरीर पर पानी की पट्टियां रखें।


ऐसे बरतें एहतियात-

सामान्य रूप से खाना देना जारी रखें। बुखार की हालत में शरीर को और ज्यादा खाने की जरूरत होती है। ठंडा पानी न पीएं, मैदा और बासी खाना न खाएं। खाने में हल्दी, अजवाइन, अदरक, हींग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। इस मौसम में पत्ते वाली सब्जियां, अरबी, फूलगोभी न खाएं।


बचाव भी एक इलाज-

सुबह आधा चम्मच हल्दी पानी के साथ या रात को आधा चम्मच हल्दी एक गिलास दूध या के साथ लें। अगर आपको नजला, जुकाम या कफ आदि है तो उस स्थिति में दूध न लें। तब आप हल्दी को पानी के साथ ले सकते हैं। आठ-दस तुलसी के पत्तों का रस शहद के साथ मिलाकर लें या तुलसी के 10 पत्तों को पौने गिलास पानी में उबालें, जब वह आधा रह जाए तब उस पानी को पीएं। विटामिन-सी से भरपूर चीजों का ज्यादा सेवन करें।

 

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