छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया

द राइजिंग न्यूज़, रायपुर :ब्राह्मणों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उनहें दिल्ली से गिरफ्तार करने के बाद रायपुर लाकर कोर्ट में पेश किया गया। बघेल के वकील गजेंद्र सोनकर ने बताया कि उन्हें 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जमानत अर्जी दायर नहीं की : वकील सोनकर
बघेल के वकील गजेंद्र सोनकर ने बताया कि कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें 21 सितंबर को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। मुझे जमानत अर्जी दायर नहीं करने का निर्देश दिया गया था, इसलिए आज मैंने अर्जी दाखिल नहीं की। 
 

रायपुर के डीडी नगर थाने में नंद कुमार बघेल के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से उनकी गिरफ्तारी तय मानी जा रही थी। सीएम बघेल ने केस दर्ज करने का आदेश देने के साथ ही कहा था कि मुख्यमंत्री के रूप में विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखना मेरी जिम्मेदारी है। अगर उन्होंने (बघेल के पिता) एक समुदाय के खिलाफ टिप्पणी की है, तो इसका मुझे खेद है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।


दीनदयाल विप्र समाज ने कराई एफआईआर
नंद कुमार बघेल के खिलाफ दीनदयाल विप्र समाज के सदस्यों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। रायपुर में डीडी नगर थाने की प्रभारी योगिता खोपर्डे ने बताया कि दो सितंबर को हमें सर्व ब्राह्मण समाज, सुंदर नगर से शिकायत मिली थी कि नंद कुमार बघेल ने ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ टिप्पणी की थी। चार सितंबर को मामला दर्ज किया गया। 

लखनऊ में की थी यह टिप्पणी
नंद कुमार बघेल ने पिछले महीने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मणों पर टिप्प्णी की थी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कथित तौर पर कहा था, 'अब वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा। हम आंदोलन करेंगे। ब्राह्मणों को गंगा से वोल्गा (रूस की एक नदी) भेजेंगे, क्योंकि ब्राह्मण विदेशी हैं। ब्राह्मण सुधर जाएं या फिर वोल्गा जाने को तैयार हो जाएं। '

पहले प्रतिबंधित करना पड़ी थी किताब 
सीएम भूपेश बघेल के पिता पहले भी ब्राह्मणों के खिलाफ टिप्पणी कर चुके हैं। चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को राजस्थानी ब्राह्मणों को टिकट नहीं देना चाहिए। करीब 20 साल पहले उनकी किताब 'ब्राह्मण कुमार रावत को मत मारो' ने भी काफी बवाल करवाया था, जिसके बाद सरकार ने इस किताब की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया था।

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